देहरादून: जन्मदिन का दिन अक्सर अपने परिवार और करीबियों के साथ मनाने के लिए खास माना जाता है, लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके को अलग अंदाज में यादगार बनाया. बुधवार को वह देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचे और वहां मौजूद दिव्यांग बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया. मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच केक काटा और उनके साथ काफी समय बिताया. इस दौरान बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था.
मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर बच्चे भी बेहद उत्साहित नजर आए. धामी ने उनसे बातचीत की, उनका हाल जाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. बच्चों के साथ आत्मीय बातचीत के दौरान माहौल भावुक हो गया. बच्चों का स्नेह देखकर मुख्यमंत्री की आंखें भी नम हो गईं. उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच बिताया समय उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है. उनके अनुसार, बच्चों के चेहरों की खुशी उनके जन्मदिन का सबसे खास उपहार है.
धामी ने कहा कि हर बच्चे के भीतर प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता मौजूद है. ऐसे बच्चों को समाज की ओर से समान अवसर और सम्मान मिलना जरूरी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांग बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकें. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बच्चों का अपनापन उनके लिए केवल भावुक पल नहीं, बल्कि नई प्रेरणा देने वाला अनुभव भी रहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समाज में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए. उनके लिए आगे बढ़ने के रास्ते आसान बनाने और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी समाज की भी है. उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और संभावनाओं को पहचानने की जरूरत बताई. इस दौरान बच्चों के साथ बिताए गए समय ने जन्मदिन के कार्यक्रम को औपचारिक आयोजन से अलग एक आत्मीय मुलाकात का रूप दे दिया.
मुख्यमंत्री के जन्मदिन के इस कार्यक्रम में उनकी पत्नी गीता पुष्कर धामी भी मौजूद रहीं. उनके साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और संस्थान के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए. सभी की मौजूदगी में बच्चों के साथ केक काटा गया. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत करते हुए उनका हाल जाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. बच्चों के उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया.