उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अहम जानकारी साझा की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब दो गुना इजाफा हुआ है. मुख्यमंत्री ने इसे धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में किए जा रहे सरकारी प्रयासों से जोड़ा है.
श्रीनगर में स्थित मां धारी देवी मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है. यहां बड़ी संख्या में लोग मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की धार्मिक मान्यता के चलते उत्तराखंड आने वाले कई श्रद्धालु इसे अपनी यात्रा का अहम पड़ाव मानते हैं.
जनपद पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में स्थित माँ धारी देवी मंदिर अनेक श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सरकार के निरंतर प्रयासों से वर्ष 2026 के शुरुआती 6 महीनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है।
हमारी सरकार प्रदेश के तीर्थस्थलों के समग्र विकास,… pic.twitter.com/TLwIeXoPyN
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 8, 2026
मुख्यमंत्री धामी के मुताबिक, 2026 के शुरुआती छह महीनों के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई. उन्होंने इस बढ़ोतरी को राज्य में तीर्थ स्थलों को लेकर किए जा रहे लगातार प्रयासों से जोड़ा. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
CM धामी ने कहा कि राज्य सरकार तीर्थ स्थलों के समग्र विकास पर लगातार काम कर रही है. इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य धार्मिक यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के साथ इन महत्वपूर्ण स्थलों की पहचान और महत्व को मजबूत करना है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों के विकास के साथ उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. धारी देवी मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या इसी दिशा में एक अहम संकेत के तौर पर देखी जा रही है.