ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में अपनी बल्लेबाजी से महफिल लूट ली. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने 301 गेंदों पर 250 रन की शानदार पारी खेली. ईशान ने इस दौरान 27 चौके और सात छक्के लगाए. इस दौरान उन्होंने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया. हालांकि 250 रन बनाने के बाद वह रिटायर्ड हर्ट हो गए.
थकान के कारण वह रिटायर्ड हर्ट हुए. इसके साथ ही उन्होंने दलीप ट्रॉफी फाइनल में कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी पारी का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
दरअसल, ईशान ने 250 रन पूरे करते ही अंशुमान गायकवाड़ का 39 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. गायकवाड़ ने 1987 में वेस्ट जोन की कप्तानी करते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ 216 रन बनाए थे. दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनसे पहले किसी कप्तान ने 250 रन नहीं बनाए थे. ईशान के इस प्रदर्शन के बाद वह टूर्नामेंट के फाइनल में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले कप्तान बन गए.
ईशान ने ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में 31 साल बाद दोहरा शतक लगाने का इंतजार खत्म किया. इससे पहले सबा करीम ने 1995 में वेस्ट जोन के खिलाफ नाबाद 200 रन बनाए थे. ईशान ने 122वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाकर 200 रन पूरे किए. इसके बाद उन्होंने केवल 30 गेंदों में 50 रन और जोड़ दिए. हालांकि लगातार बल्लेबाजी के कारण उन्हें थकान महसूस होने लगी.
तिहरे शतक की ओर बढ़ रहे ईशान को 131वें ओवर में फिजियो से बातचीत करनी पड़ी. इसके बाद उन्होंने रिटायर्ड हर्ट होने का फैसला किया और पवेलियन लौट गए. मैदान से बाहर जाते समय ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया. ईशान की पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. टी ब्रेक तक ईस्ट जोन का स्कोर 134.1 ओवर में 626/6 था.
ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन जोड़े. कुशाग्र ने 132 गेंदों पर 101 रन बनाए. इससे पहले ईशान ने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े थे. अनुकूल रॉय के साथ छठे विकेट के लिए उनकी 140 रन की साझेदारी हुई. मैच के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने 100 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी.