देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने शिक्षा, पेयजल और पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इन योजनाओं से प्रदेश की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
मुख्यमंत्री ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के लिए 33.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. यह राशि राज्य आकस्मिकता निधि से दी गई है. विश्वविद्यालय को इससे नई सुविधाएं जुटाने में मदद मिलेगी. शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम छात्रों और शोध कार्यों के लिए फायदेमंद साबित होगा. बागवानी और वानिकी जैसे विषयों पर ध्यान देने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टिहरी गढ़वाल जिले में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के कीर्तिनगर के खोलाकडाकोट स्थित डुंडेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 1.05 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. मंदिर के आसपास विकास होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
पेयजल क्षेत्र में भी बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है. चंपावत जिले के लोहाघाट विकासखंड में पाऊ पंपिंग योजना को मजबूत बनाने के लिए 2.69 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत सहस्त्रधारा पेयजल योजना के लिए 113.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. ये दोनों परियोजनाएं पूरी होने पर बड़ी आबादी को साफ और नियमित पानी उपलब्ध होगा. पहाड़ी इलाकों में पानी की समस्या आम है इसलिए ये कदम बहुत जरूरी हैं.
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी और धार्मिक पर्यटन को नई ऊर्जा मिलेगी. कुल मिलाकर करीब 150 करोड़ रुपये की इन मंजूरियों से प्रदेश के कई हिस्सों में विकास की रफ्तार तेज होगी.
मुख्यमंत्री धामी ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है ताकि आम लोगों तक सुविधाएं जल्दी पहुंचें. विश्वविद्यालय के विकास से शिक्षा क्षेत्र मजबूत होगा. मंदिर के सौंदर्यीकरण से पर्यटक आकर्षित होंगे. पेयजल योजनाओं से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होंगी.