उत्तराखंड सरकार ने देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. 319 करोड रुपये की लागत से शुरू हुई इस परियोजना के तहत सात नए फ्लाईओवर और 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा. सरकार का दावा है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात सुचारु होगा और यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा.
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल देहरादून-हरिद्वार हाईवे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम पहल की है. भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मार्ग को "सुपर सेफ" बनाने के लिए 319 करोड रुपये की लागत वाली परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया है.
सरकार का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क का विस्तार करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना भी है. परियोजना के तहत हाईवे पर सात नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. इन फ्लाईओवरों के बनने से प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी. वर्तमान में देहरादून और हरिद्वार के बीच कई स्थानों पर लंबा जाम लगने की समस्या बनी रहती है, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों खर्च होते हैं. सरकार का मानना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद यातायात बिना बाधा के संचालित होगा और यात्रा का समय भी कम होगा.
इस योजना के अंतर्गत 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन का भी निर्माण किया जाएगा. सर्विस लेन बनने से स्थानीय यातायात और हाईवे पर चलने वाले तेज गति के वाहनों को अलग-अलग मार्ग मिलेगा. इससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और आसपास के गांवों, बाजारों तथा अन्य क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि सर्विस लेन किसी भी व्यस्त राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है. इससे मुख्य सड़क पर अनावश्यक दबाव कम होता है और यातायात अधिक व्यवस्थित रहता है. राज्य सरकार लगातार सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है. पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को मजबूत बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है.