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‘नकल और शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं…’, वाराणसी में CM योगी का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने शिक्षकों और जनता को संबोधित किया.

Shilpa Shrivastava
‘नकल और शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं…’, वाराणसी में CM योगी का बड़ा बयान
Courtesy: X

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने शिक्षकों और जनता को संबोधित किया. सीएम योगी ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका और नकल संस्कृति पर सख्त संदेश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के भविष्य और अखंडता के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने आचार्य चाणक्य जैसे आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही. 

सीएम योगी ने कहा, “एक समय था जब उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए बर्बाद कर दिया था. एक नेता ने यहां तक कह दिया था कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है.”  उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य और अखंडता के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है. 

‘अगर गुरु चाणक्य जैसे होंगे तो…’- सीएम योगी

योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से कहा कि आपके आदर्श आचार्य चाणक्य, मदन मोहन मालवीय या डॉ. राधाकृष्णन हो सकते हैं. आपको आदर्श ढूंढने की जरूरत नहीं है. अगर गुरु चाणक्य जैसे होंगे तो देश कभी कमजोर नहीं होगा. कोई विदेशी ताकत हमारी तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकेगी.

पिछले 9 सालों का काम: 

सीएम योगी ने बताया कि पिछले 9 साल में सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बहुत मेहनत की है. पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था. शिक्षा की उपेक्षा की वजह से हालत खराब हो गई थी. उन्होंने शिक्षकों से कहा, “9 साल पहले जब आप नौकरी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे तो लोग आपको हेय दृष्टि से देखते थे. लेकिन आज आपको कोई पहचान का संकट नहीं है. आज शिक्षक सम्मान के साथ जी रहे हैं.”

शिक्षा पर निवेश:

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा पर किया गया कोई भी निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता. शिक्षा का स्तर सुधरने से उत्तर प्रदेश अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस मौके पर शुरू की गई 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी.