शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है. 28 सितंबर को उनकी जयंती के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने भगत सिंह के अदम्य साहस और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदान को याद किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके देशभक्ति से जुड़े विचार और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित जीवन आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भगत सिंह को नमन किया. उन्होंने लिखा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी की जयंती पर वह उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हैं. धामी ने भगत सिंह के साहस और संघर्ष को स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण विरासत के रूप में स्मरण किया.
अदम्य शौर्य एवं साहस के प्रतीक, मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले, महान क्रांतिकारी शहीद ए आजम भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
देशभक्ति से ओत-प्रोत आपके विचार और राष्ट्र सेवा को समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। pic.twitter.com/LAyZ2GPnCe
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 28, 2026
धामी ने अपने संदेश में भगत सिंह के विचारों और उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, देश के लिए उनका जीवन और उनकी प्रतिबद्धता लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. भगत सिंह की जयंती हर साल 28 सितंबर को मनाई जाती है. वर्ष 2026 में उनकी 119वीं जयंती है.
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख युवा क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं. उनका जीवन देश की आजादी के संघर्ष से जुड़ा रहा. उनके विचारों और लेखन ने उस दौर के युवाओं को प्रभावित किया. आज भी जयंती के अवसर पर देशभर में उनके जीवन, विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद किया जाता है.
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था. उनका जन्मस्थान बंगा गांव, तत्कालीन लायलपुर जिले में था, जो अब पाकिस्तान के फैसलाबाद क्षेत्र में है. 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ उन्हें फांसी दी गई. उनकी जयंती पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को याद किया जाता है.