हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. राहुल गांधी ने इसे दलितों और पिछड़ों का अपमान बताया. अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए कहा कि धार्मिक संगठनों ने अपनी ओर से हवन कराया था.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शुद्धिकरण कार्यक्रम में भाजपा का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था. उनके मुताबिक, धार्मिक संगठनों ने रामलीला मैदान में कथित नारे और गंदगी के विरोध में हवन कराया. धामी ने कांग्रेस पर इस घटना को जाति से जोड़ने और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जाति के आधार पर भेदभाव का मुद्दा जनता स्वीकार नहीं करेगी और प्रदेश में सभी लोगों का सम्मान किया जाता है.
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुद्धिकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे की रैली के बाद मैदान का शुद्धिकरण कराना दलितों, पिछड़ों और वंचितों का अपमान है. राहुल ने इसे छुआछूत की सोच बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने BJP और RSS पर भी आरोप लगाए थे और मामले में SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग रखी थी.
भाजपा नेता खजान दास ने कहा कि पार्टी की जांच में शुद्धिकरण हवन में किसी भाजपा कार्यकर्ता की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई. उन्होंने दावा किया कि हवन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने कराया था. इस बीच धामी ने कहा कि कांग्रेस को जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि इस मामले को राजनीतिक रंग देना चाहिए.