देहरादून: विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक पास्कल डोनोहोई ने देहरादून के खदरी खड़कमाफी क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की सराहना की है. उन्होंने कहा कि विश्वसनीय जलापूर्ति से ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें काम, परिवार तथा आय अर्जित करने के लिए अधिक समय मिल रहा है.
उत्तराखंड में विश्व बैंक से वित्त पोषित विभिन्न योजनाओं के प्रभाव का जायजा लेने के लिए इन दिनों बैंक की टीम राज्य के दौरे पर है. विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक पास्कल डोनोहोई के नेतृत्व में टीम ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का दौरा करने के बाद देहरादून के खदरी खड़कमाफी क्षेत्र का रुख किया.
What changes when families can rely on safe water every day?
— Paschal Donohoe (@Paschald) August 27, 2026
In Uttarakhand, India, I saw how families in a town outside Dehradun now have access to close to 24 hours of water supply a day—freeing up time for work, family and earning an income. pic.twitter.com/pR9zJ1gSnm
दौरे के दौरान डोनोहोई ने क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत की. ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि पेयजल योजना शुरू होने के बाद क्षेत्र में लगभग 24 घंटे पानी की आपूर्ति उपलब्ध हो रही है. इससे लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हुई है.
डोनोहोई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने दौरे का अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा कि 24 घंटे जलापूर्ति ने लोगों की जिंदगी की तस्वीर बदल दी है. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में विश्व बैंक की साझेदारी से पांच लाख से अधिक लोगों तक भरोसेमंद जलापूर्ति पहुंचाने में मदद मिली है.
विश्व बैंक से वित्त पोषित उत्तराखंड अर्द्ध नगरीय क्षेत्र कार्यक्रम के तहत डोईवाला क्षेत्र के खदरी खड़कमाफी के लिए वर्ष 2019 में पेयजल योजना को मंजूरी दी गई थी. इस योजना का काम वर्ष 2021 में पूरा हुआ. योजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को नियमित और बेहतर पेयजल सुविधा मिलने लगी.
डोनोहोई ने अपर सचिव पेयजल झरना कमठान और अन्य अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने ग्रामीणों से पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और योजना से हुए बदलावों को समझा. ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी की उपलब्धता को लेकर उन्हें काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है.
डोनोहोई ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि जब परिवार हर दिन सुरक्षित और भरोसेमंद पानी पर निर्भर कर सकते हैं, तो उनके जीवन में कई बदलाव आते हैं. नियमित जलापूर्ति से लोगों का पानी जुटाने में लगने वाला समय बच रहा है. इसका सीधा असर उनके काम, परिवार और आय अर्जित करने की क्षमता पर पड़ रहा है.
उन्होंने उत्तराखंड में जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं को लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने वाला उदाहरण बताया. विश्व बैंक की टीम राज्य में वित्त पोषित योजनाओं के जमीनी प्रभाव का आकलन कर रही है.