उत्तराखंड सरकार एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत बुधवार को चयनित महिलाओं को अनुदान राशि की किस्त जारी की जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को आठ जिलों की 212 चयनित एकल महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 1,55,40,000 रुपये की पहली किस्त जारी करेंगे. यह कार्यक्रम मुख्य सेवक सदन में आयोजित होगा. इस दौरान महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रहेंगी. सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
योजना के पहले चरण में शामिल 276 महिलाओं को भी राहत मिलेगी. इन लाभार्थियों के खातों में 1,20,76,875 रुपये की दूसरी किस्त जारी की जाएगी. यह राशि उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने योजना के तहत स्वरोजगार की दिशा में अपना कार्य शुरू कर दिया है. सरकार उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग दे रही है.
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ विधवा, निराश्रित, परित्यक्ता, एसिड अटैक पीड़ित और अन्य कारणों से अकेले जीवन यापन कर रही महिलाओं को दिया जाता है. योजना के तहत अधिकतम दो लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान सरकार उपलब्ध कराती है. इससे महिलाएं अपने क्षेत्र में छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं.
इससे पहले 10 फरवरी को मुख्यमंत्री ने योजना के प्रथम चरण में छह जिलों की 484 महिलाओं को 3,45,34,500 रुपये की पहली किस्त प्रदान की थी. इस कदम को महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया. सरकार अब दूसरे चरण में भी लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ा रही है.
इस चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून की 212 महिलाओं को पहली किस्त दी जाएगी. वहीं देहरादून, नैनीताल और टिहरी की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त का लाभ मिलेगा. सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार करेगी.