उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के सम्मान और उनके पुनर्वास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' स्थापित करेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर राष्ट्ररक्षा के प्रति समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना का प्रतीक हैं. ऐसे युवाओं को भविष्य की चिंता से मुक्त कर उन्हें नई दिशा देना सरकार की प्राथमिकता है.
प्रस्तावित रोजगार सेल अग्निवीरों को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता करेगा. इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास से जुड़ी जानकारी, करियर मार्गदर्शन और रोजगार परामर्श भी दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि सेना में अर्जित अनुभव और अनुशासन को विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है. यह सेल विभिन्न विभागों, उद्योगों और निजी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अग्निवीरों को उनकी योग्यता और अनुभव के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा.
राष्ट्ररक्षा के प्रति समर्पित अग्निवीरों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उत्तराखंड देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' स्थापित करेगा।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 21, 2026
राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण दे चुकी है। अब यह विशेष रोजगार सेल अग्निवीरों को सरकारी एवं निजी… pic.twitter.com/RBMWxY2PcN
उत्तराखंड सरकार इससे पहले भी अग्निवीरों के हित में बड़ा निर्णय ले चुकी है. राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है. अब रोजगार सेल की स्थापना से इस व्यवस्था को और मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि यह कदम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अग्निवीरों को दीर्घकालिक करियर की दिशा में भी सहायता देगा.
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, अग्निवीरों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, संकट प्रबंधन और टीम भावना जैसी विशेष योग्यताएं होती हैं. सरकार चाहती है कि इन क्षमताओं का लाभ प्रदेश के विकास और विभिन्न संस्थानों को मिले. रोजगार सेल इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर कार्य करेगा और सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए नए अवसरों का सेतु बनेगा.