देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की राजनीति, विकास कार्यों और सरकार की प्राथमिकताओं पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कांग्रेस पर वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार समान अधिकार, सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण की नीति पर काम कर रही है. धामी ने समान नागरिक संहिता, अवैध अतिक्रमण हटाने, महिला सशक्तीकरण और राज्य के विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को राजनीतिक संरक्षण मिला. उनके अनुसार कुछ स्थानों पर धार्मिक प्रतीकों का उपयोग कर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए. धामी ने कहा कि जनता और सनातन परंपरा की भावना को ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान चलाया और कई जमीनों को मुक्त कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर मुद्दे को वोट बैंक के नजरिए से देखती है.
धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना उत्तराखंड की जनता से किया गया वादा था, जिसे उनकी सरकार ने पूरा किया. उन्होंने इसे संविधान की भावना के अनुरूप कदम बताया. मदरसा शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले 250 अवैध मदरसों को बंद कराया गया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा योजनाओं का लाभ विभिन्न समुदायों तक पहुंचाया गया है.
मुख्यमंत्री ने कोटद्वार के चर्चित दीपक मामले और अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए उठा रही है. धामी ने कहा कि अंकिता मामले में जांच एजेंसियों ने अपना काम किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई. उन्होंने विपक्ष पर संवेदनशील मामलों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया.
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने सड़क, रोपवे, पर्यटन, हवाई सेवाओं और सीमांत क्षेत्रों के विकास को सरकार की उपलब्धियों में गिनाया. मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में 2.87 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि सरकार अपने कामकाज और उपलब्धियों के आधार पर जनता के बीच जाएगी और भविष्य में भी जनसमर्थन हासिल करने का भरोसा रखती है.