देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अच्छी खबर दी है. चारधाम यात्रा को और सुरक्षित तथा सुगम बनाने के लिए बदरीनाथ धाम जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण पूरा हो गया है. सीएम धामी ने ट्वीट कर बताया कि चमोली जिले के कमेडा से बदरीनाथ धाम तक जाने वाले रास्ते पर लामबगड़ नाले के ऊपर 80 मीटर लंबा नया पुल बनकर तैयार हो गया है. यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत बनाया गया है.
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ मार्ग पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है. पुराना पुल छोटा और पुराना होने के कारण वहां ट्रैफिक जाम लगना आम बात थी. नए 80 मीटर लंबे पुल के बन जाने से अब यात्रा सुगम हो जाएगी. वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी. खासकर मानसून के मौसम में यह पुल यात्रियों के लिए ज्यादा सुरक्षित साबित होगा.
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के क्रम में श्री बदरीनाथ धाम यात्रा मार्ग पर चमोली के कमेडा से श्री बदरीनाथ तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत लामबगड़ नाले पर 80 मीटर लंबे नए पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।#Badrinath #Highway #Chamoli#Uttarakhand pic.twitter.com/QiQuEwYCSb
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) July 17, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. सड़क चौड़ीकरण, पुल निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस नए पुल के पूरा होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को फायदा पहुंचेगा.
बदरीनाथ हाईवे पर कई जगहों पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. कमेडा से बदरीनाथ तक के हिस्से में कई पुराने पुलों को नए और बड़े पुलों से बदला जा रहा है. लामबगड़ नाले पर बना यह नया पुल इसी कोशिश का हिस्सा है. पुल के साथ-साथ आसपास की सड़क को भी चौड़ा और मजबूत किया गया है.
चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ) उत्तराखंड की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है. हर साल लाखों श्रद्धालु इन धामों में दर्शन करने आते हैं. अच्छी सड़कें, मजबूत पुल और बेहतर यातायात व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए जरूरी है. सरकार का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मौसम चेतावनी जैसी सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है.