देहरादून: दून अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सख्त कदम उठाए हैं. अब आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने वाले प्रत्येक मरीज की जीपीएस ट्रैकिंग युक्त फोटो अनिवार्य कर दी गई है. मरीज फोटो सत्यापन और आधार कार्ड की जांच प्रक्रिया को पूरी तरह कड़ा बना दिया गया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का धोखाधड़ी का प्रयास विफल किया जा सके.
मंजीत नामक एक व्यक्ति ने अपने आयुष्मान कार्ड पर विक्की नामक दूसरे व्यक्ति को तीन हृदय स्टंट लगवा दिए. यह गंभीर धोखाधड़ी उजागर होने के बाद दून अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए. आयुष्मान सोसायटी को प्रबंधन की ओर से जवाब भेजा गया जिसमें बताया गया कि आरोपी के विरुद्ध तहरीर दी जा चुकी है और उसने इलाज की राशि भी जमा करा दी है.
अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि आयुष्मान मरीजों के सत्यापन एवं निगरानी में पूरी तरह सख्ती लाई जा रही है. प्रत्येक मरीज का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है जिसे आयुष्मान मित्र प्रत्येक फाइल के साथ स्कैन करके रखेंगे. वार्ड में तैनात सिस्टर प्रभारी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह आधार और आयुष्मान कार्ड देखकर मरीज का व्यक्तिगत सत्यापन करें.
आयुष्मान समन्वयक दिनेश रावत और जिला समन्वयक नितेश यादव को आयुष्मान मित्रों की निगरानी और बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो और सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही मिले. दून अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने वाले सभी मरीजों को अब अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा. बिना आधार सत्यापन के भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होगी.