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India Daily

ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन, US एयरबेस पर ईरान ने किए ताबड़तोड़ हमले

ईरान अमेरिका के बीच तनाव अब सैन्य टकराव का रूप ले चुका है. होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ती खींचतान के बीच ईरान की IRGC ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं.

Shilpa Shrivastava
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन, US एयरबेस पर ईरान ने किए ताबड़तोड़ हमले
Courtesy: AI

नई दिल्ली: ईरान अमेरिका तनाव अब खाड़ी क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव का रूप ले चुका है. होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ती खींचतान के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं. कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी बेस की ओर दागे गए, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए और कई जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनाई दीं.

ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को मुख्य निशाना बनाया. तड़के करीब दो बजे ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए. ईरानी मीडिया का दावा है कि एक मिसाइल ठिकाने पर सीधे गिरी. हमले के बाद बहरीन सरकार ने पूरे देश में सायरन बजाए और लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की. स्थानीय सूत्रों ने बताया कि वहां सोलह से ज्यादा धमाके हुए.

अली अल सलेम एयरबेस पर हमला:

कुवैत में भी अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया. अली अल सलेम एयरबेस पर हमला हुआ, जो अमेरिकी वायुसेना का अहम केंद्र है. कुवैती सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दुश्मन लक्ष्यों को रोकने की कोशिश की. कई धमाकों की खबरें आईं और आम लोगों को सुरक्षा निर्देश दिए गए. ईरान का कहना है कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ हो रहा था.

जॉर्डन में ईरानी मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई. जॉर्डन की सेना ने अल-अजराक इलाके की ओर आने वाली पांच मिसाइलों को मार गिराया. मिसाइलों के कुछ मलबे जमीन पर गिरे, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं आई. जॉर्डन ने कहा कि वह अपनी हवाई सीमा की पूरी सुरक्षा में लगा हुआ है.

अमेरिका के इक्कीस एयर और नौसेना बेस को बनाया निशाना:

ईरान का दावा है कि उसने क्षेत्र में अमेरिका के इक्कीस एयर और नौसेना बेस को निशाना बनाया. संगठन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने और हमले किए तो जवाब और भी मजबूत होगा. ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को खाड़ी क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी और कहा कि कोई भी खतरा सहन नहीं किया जाएगा.