भारतीय निशानेबाजी जगत से जुड़ी राणा परिवार के लिए यह महीना बेहद दुखद साबित हुआ है. द्रोणाचार्य सम्मानित कोच और देश के नामचीन निशानेबाज जसपाल राणा के निधन के महज 16 दिन बाद उनकी मां श्यामा देवी राणा ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया. 78 वर्षीय श्यामा देवी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित आरआर अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं और पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं.
श्यामा देवी के निधन से राणा परिवार एक बार फिर गहरे शोक में डूब गया है. संयोग यह भी रहा कि उनका निधन उनके बेटे जसपाल राणा के जन्मदिन, 28 जून, को हुआ. परिवार के लिए यह भावनात्मक रूप से बेहद कठिन क्षण माना जा रहा है, क्योंकि इसी महीने उन्होंने अपने बेटे को खोया था और अब मां का साया भी सिर से उठ गया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्यामा देवी राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें. मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की भी कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कठिन समय में पूरा प्रदेश राणा परिवार के साथ खड़ा है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है.
राणा परिवार पर दुखों का सिलसिला 12 जून को शुरू हुआ था, जब भारतीय खेल इतिहास के सबसे सफल निशानेबाजों में गिने जाने वाले जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. उनके अचानक चले जाने से खेल जगत को गहरा झटका लगा था.
जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल के साथ लौट रहे थे. यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. नई दिल्ली पहुंचते ही उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए स्टेंट भी डाले, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.