चंडीगढ़: चंडीगढ़ में वाहन चालकों के लिए आज का दिन अहम रहने वाला है. नगर निगम की जनरल हाउस बैठक सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें शहर की पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और फैसला किया जाएगा. सबसे ज्यादा नजर पार्किंग शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर रहेगी, क्योंकि इससे हजारों वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है.
नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा पार्किंग शुल्क प्रणाली में बदलाव किया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत सभी पार्किंग स्थलों पर पहले 10 मिनट तक पार्किंग पूरी तरह निशुल्क रहेगी. इसके बाद वाहन चालकों से समय के आधार पर यानी घंटों के हिसाब से पार्किंग शुल्क लिया जाएगा. नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से पार्किंग का बेहतर उपयोग होगा और अनावश्यक रूप से लंबे समय तक वाहन खड़े रहने की समस्या कम होगी.
बैठक में शहर की सभी 89 पार्किंग साइटों को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा. योजना के अनुसार इन पार्किंग स्थलों के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी 10 वर्षों के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी कंपनी को सौंपी जाएगी. कंपनी डिजिटल भुगतान, ऑटोमैटिक टिकटिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, जिससे पार्किंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन सके.
इसके अलावा सेक्टर-8 स्थित पुरानी और जर्जर मल्टीलेवल पार्किंग को गिराकर नई नौ मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के प्रस्ताव पर भी मंजूरी मिल सकती है. इस परियोजना की अनुमानित लागत 23.69 करोड़ रुपए है और इसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. स्ट्रक्चरल ऑडिट में मौजूदा पार्किंग को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद नई इमारत बनाने का निर्णय लिया गया है.
नगर निगम की बैठक में सेक्टर-10 स्थित लेजर वैली पार्क को दिव्यांग अनुकूल बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. लगभग 2.35 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत हेल्पर रेलिंग, टैक्टाइल पाथवे, दिव्यांग अनुकूल शौचालय और ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि सभी लोगों के लिए पार्क अधिक सुलभ बनाया जा सके.
बैठक में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और आकर्षक बनाने के लिए सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन और टैरेस गार्डन में विशेष फेस्टिवल स्पेस विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी. नगर निगम का मानना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी.