पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश साझा करते हुए महाराजा रणजीत सिंह को धार्मिक निष्पक्षता, समानता और आपसी भाईचारे का प्रतीक बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि महान शासक के आदर्श आज भी समाज और शासन व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत हैं.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संदेश में लिखा कि धार्मिक निष्पक्षता, समानता और आपसी भाईचारे के प्रतीक, शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर हम उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं.
मुख्यमंत्री के इस संदेश में महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल की उन विशेषताओं का उल्लेख किया गया, जिनकी चर्चा आज भी भारतीय इतिहास में आदर्श प्रशासन के रूप में की जाती है. भगवंत मान ने उनके धार्मिक सौहार्द, सभी समुदायों के प्रति समान व्यवहार और न्याय आधारित शासन व्यवस्था को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया.
उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज में भाईचारा, समानता और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए महाराजा रणजीत सिंह के विचारों को अपनाना आवश्यक है. उनका मानना है कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों पर चलकर ही सामाजिक समरसता और विकास को नई दिशा दी जा सकती है.
ਧਰਮ ਨਿਰਪੱਖਤਾ, ਬਰਾਬਰਤਾ ਅਤੇ ਆਪਸੀ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਕ, ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੀ ਬਰਸੀ 'ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੋਟਿ-ਕੋਟਿ ਪ੍ਰਣਾਮ। ਆਓ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਿਆਂਪੂਰਨ ਰਾਜ ਦੀ ਮਹਾਨ ਸੋਚ ਤੋਂ ਸੇਧ ਲਈਏ। pic.twitter.com/C6jDEfAQjQ
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 29, 2026
महाराजा रणजीत सिंह को भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली शासकों में गिना जाता है. उनके शासनकाल में प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया. उन्होंने अपने शासन में योग्यता को प्राथमिकता दी और विभिन्न धर्मों एवं वर्गों के लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं.
इतिहासकारों के अनुसार, महाराजा रणजीत सिंह का शासन धार्मिक सहिष्णुता और समावेशी प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है. यही कारण है कि उन्हें आज भी न्यायप्रिय और दूरदर्शी शासक के रूप में याद किया जाता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने भी महाराजा रणजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की. कई लोगों ने उनके शासनकाल को पंजाब के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए उनके योगदान को याद किया.