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CBSE vs Vedant: छात्र ने उठाए पुनर्मूल्यांकन पर सवाल, बोर्ड ने कहा- दावे पूरी तरह गलत

सीबीएसई और छात्र वेदांत श्रीवास्तव के बीच पुनर्मूल्यांकन को लेकर विवाद बढ़ गया है. बोर्ड ने छात्र के दावों को गलत बताया, जबकि वेदांत ने जवाबी बयान जारी कर मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
CBSE vs Vedant: छात्र ने उठाए पुनर्मूल्यांकन पर सवाल, बोर्ड ने कहा- दावे पूरी तरह गलत
Courtesy: social media

कक्षा 12 के छात्र वेदांत श्रीवास्तव और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीच रीचेकिंग को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है. सीबीएसई ने हाल ही में वेदांत के उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के बाद अंकों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने की बात कही थी. बोर्ड का कहना है कि छात्र द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है, जबकि वेदांत अपने आरोपों पर कायम हैं.

सीबीएसई ने दावों को बताया गलत

सीबीएसई ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वेदांत श्रीवास्तव द्वारा पुनर्मूल्यांकन परिणामों को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावे वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते. बोर्ड के अनुसार, छात्र ने कहा था कि उसके दो विषयों में केवल एक-एक अंक बढ़े और भौतिकी में कोई बदलाव नहीं हुआ. हालांकि बोर्ड का दावा है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद भौतिकी विषय में उसके अंक नौ बढ़े थे. सीबीएसई ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि छात्रों और अभिभावकों के बीच गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है.

वेदांत ने सोशल मीडिया पर रखा पक्ष

सीबीएसई के बयान के बाद वेदांत श्रीवास्तव ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा कर अपनी बात दोहराई. उन्होंने कहा कि उन्होंने विभिन्न विषयों के 11 प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी. उनके अनुसार अंतिम परिणाम में कुल दो अंकों की ही वृद्धि हुई. वेदांत का कहना है कि गणित और कंप्यूटर साइंस में एक-एक अंक बढ़ा, जबकि भौतिकी में उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिला. छात्र का दावा है कि जिन उत्तर पुस्तिकाओं में अंक बढ़े वे मूल रूप से उनकी नहीं थीं.

उत्तर पुस्तिका विवाद से शुरू हुआ मामला

यह विवाद पहली बार मई में सामने आया था, जब वेदांत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर आरोप लगाया था कि उनकी भौतिकी की उत्तर पुस्तिका किसी अन्य छात्र की कॉपी से बदल दी गई. इस दावे ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठे थे. मामले ने तेजी से ध्यान आकर्षित किया और सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका जांच प्रणाली पर बहस शुरू हो गई. इसके बाद छात्र ने पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया का सहारा लिया.

पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया लगभग पूरी

सीबीएसई ने बताया कि कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद प्राप्त पुनर्मूल्यांकन आवेदनों में से लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है. बोर्ड के अनुसार शेष आवेदन अंतिम चरण में हैं और उनके परिणाम जल्द घोषित किए जाएंगे. इससे पहले 21 जून को सीबीएसई ने जानकारी दी थी कि 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निस्तारण हो चुका है और बाकी परिणाम चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे. बोर्ड ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि पूरी प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी.