उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'यूपी में अब्दुल जीतेगा' वाले बयान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ओवैसी के पास उत्तर प्रदेश के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और प्रदेश में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. योगी ने आरोप लगाया कि ओवैसी का एजेंडा भारत, हिंदुओं और देश के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है.
दरअसल, ओवैसी ने अमेरिका के मिशिगन में सीनेट चुनाव में अब्दुल एल-सैयद की जीत का उदाहरण देते हुए उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक पहचान मजबूत करने की बात कही थी. बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि अब उत्तर प्रदेश का अब्दुल किसी के सामने झुकेगा नहीं, बल्कि विधायक बनकर विधानसभा पहुंचेगा.
ओवैसी ने कहा था कि पहले बीजेपी के लोग अब्दुल को पंचर बनाने वाला बताते थे, लेकिन लोकतंत्र में अब्दुल मिशिगन में सीनेटर बन गया. उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह राजनीतिक सफलता हासिल करने की बात कही थी.
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मुख्यमंत्री बनने और देश में बुर्का पहनने वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर भी बात की थी. उनके इन बयानों पर योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई.
एक कार्यक्रम में पत्रकार से बातचीत के दौरान योगी ने कहा कि ओवैसी की ये राजनीतिक इच्छाएं कभी पूरी नहीं होंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी का एजेंडा देश की एकता को कमजोर करने वाला है.
योगी ने कहा, ''ओवैसी ऐसा एजेंडा लेकर आएंगे, जो भारत विरोधी, हिंदू विरोधी और देश के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ होगा. ऐसे एजेंडे का मकसद भारत की एकता को कमजोर करना है. इसलिए ओवैसी जैसे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है.''
योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों दलों और एआईएमआईएम की राजनीतिक सोच में ज्यादा अंतर नहीं है. तीनों पार्टियों को देश के हितों और उसकी पहचान की परवाह नहीं है. योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा और एआईएमआईएम को एक साथ आ जाना चाहिए, क्योंकि उनके राजनीतिक एजेंडे एक जैसे हैं.
ओवैसी के बयान पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के किसी भी व्यक्ति की जीत गर्व की बात होनी चाहिए, चाहे उसका नाम या धार्मिक पहचान कुछ भी हो.
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने अब्दुल एल-सैयद की जीत का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि एल-सayed मूल रूप से मिस्र के रहने वाले हैं और उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था.