उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अयोध्या में दीपोत्सव समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, संतों का अपमान किया और लाठीचार्ज के आदेश दिए, उन्हें अयोध्या आने से पहले माफी मांगनी चाहिए.
योगी की यह टिप्पणी अखिलेश यादव के उस ऐलान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने 12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या जाने की बात कही थी. अखिलेश ने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन करने की योजना बनाई है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर अयोध्या की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले जिस अयोध्या में हवाई अड्डा तक नहीं था, वहां अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है.
योगी ने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कारसेवकों और संतों ने लंबा संघर्ष किया और बलिदान दिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या अपनी खोई हुई पहचान और गौरव फिर हासिल कर रही है. उन्होंने दावा किया कि अब अयोध्या में कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा. उन्होंने शहर के मौजूदा विकास की तुलना पिछली सरकारों के दौर से भी की.
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, "... 36 years ago, the waters of this very Saryu River were stained with blood—the blood of Ram devotees. Those who, 36 years ago, turned the streets of Ayodhya crimson with the blood of Ram devotees— those who questioned the very existence of Ram, and who placed obstacles in the path of the construction of the Ram Mandir—are now attempting to raise their heads once again. They are well aware of the strength of today’s India. They know the power of the Ram devotees... Those who once banned the chanting of "Jai Shri Ram" in Ayodhya are now, in one way or another, dreaming of visiting the Ram Mandir to offer their prayers. Let them first seek forgiveness—unconditional forgiveness—from the Ram devotees, the kar sevaks, and the revered saints. Let those who brought infamy to Ayodhya and ordered gunfire upon the devotees of Ram offer a public apology and repent for their actions..."
— ANI (@ANI) November 7, 2026
दीपोत्सव 2026 के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का अयोध्या पहुंचने पर स्वागत किया. उन्होंने उपराष्ट्रपति की भारतीय परंपराओं, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की. योगी ने उनके तमिलनाडु के एक किसान परिवार से आने का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर को याद करते हुए कहा कि उस समय ऐसा लगा था, मानो आसमान से फूलों की वर्षा हो रही हो.