उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार आज 4 जुलाई से 'सेवा सप्ताह' का आगाज करने जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 4 जुलाई से 15 जुलाई तक पूरे राज्य में यह विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा. इस दौरान सरकार विकास, कल्याण और जनसेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित करेगी.
'सेवा सप्ताह' के तहत रोजगार, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं पर खास फोकस रहेगा. जिला मुख्यालयों पर बड़े-बड़े चिकित्सा शिविर, दिव्यांगजन शिविर, मैराथन दौड़, खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के स्टॉल लगाकर लोगों का पंजीकरण करेंगे और लाभार्थियों को तुरंत लाभ पहुंचाने का प्रयास होगा.
राजस्व विभाग विशेष लोक अदालत और समाधान शिविर आयोजित करेगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का निपटारा हो सके. साथ ही भाजपा पार्टी भी पूरे प्रदेश में संगठनात्मक कार्यक्रम चला कर सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएगी. जनसंपर्क अभियान के जरिए विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी.
धामी पर नजर एनडी तिवारी के रिकॉर्ड परइस दौरान एक और खास बात यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले हैं. पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का रिकॉर्ड अभी तक सबसे ऊपर है. उन्होंने 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 तक कुल 1831 दिन मुख्यमंत्री पद पर रहकर सेवा की थी.
पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भी उन्हें लगातार यह जिम्मेदारी मिली. अब 5 वर्ष पूरे होने के साथ ही धामी कुछ ही दिनों में तिवारी के 1831 दिनों के रिकॉर्ड को पार कर जाएंगे. यह उपलब्धि धामी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद कोई भी मुख्यमंत्री इतने लंबे समय तक लगातार पद पर नहीं रहा है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि 'सेवा सप्ताह' सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि जनता की सेवा का कार्यक्रम है. इस दौरान हर विभाग को जनसमस्याओं को हल करने और योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है. प्रदेशवासी इस सप्ताह को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. आम लोगों को उम्मीद है कि इन 7 दिनों में उन्हें स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा. सरकार का मानना है कि 'सेवा सप्ताह' न सिर्फ विकास कार्यों को गति देगा बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को और मजबूत भी करेगा.