menu-icon
India Daily
share--v1

Varanasi-Ranchi-Kolkata Expressway: वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे बनने से मात्र 9 घंटों में पूरा होगा 15 घंटे का सफर, इन शहरों की चमक जाएगी किस्मत, पढ़ें डिटेल

Varanasi-Ranchi-Kolkata Expressway: 23 फरवरी को पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 10,972 करोड़ की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और 13 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.

auth-image
India Daily Live
Varanasi-Ranchi-Kolkata Expressway

Varanasi-Ranchi-Kolkata Expressway: प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार 23 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 10,972 करोड़ रुपए की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा पीएम वाराणसी-रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण के पहले पैकेज के हिस्से के रूप में 3,344 करोड़ रुपए की कुल 13 नई  परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे.

इन परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

इन परियोजनाओं में वंदे भारत ट्रेनों के कॉम्पोनेंट्स (घटक) बनाने के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की इकाई की स्थापना, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) कैंपस, एक मेडिकल कॉलेज और परमाणु ऊर्जा विभाग की सामान्य जैव-चिकित्सा अपशिष्ट निपटान सुविधा की स्थापना शामिल है.

वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे की खासियत

  • 6 लेन वाला वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे मुख्य परियोजनाओं में से एक है. इस एक्सप्रेसवे के बनने से वाराणसी और कोलकाता के बीच यात्रा में लगने वाला 15 घंटे का समय घटकर मात्र 9 घंटे रह जाएगा.
  • पीएम मोदी इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के पहले पैकेज की आधारशिला रखेंगे जिसकी कुल लागत अधिग्रहण सहित 1,317 करोड़ रुपए हैं. इस पैकेज में 27 किलोमीटर सड़क (ग्रीन बेल्ट) का निर्माण शामिल है.
  • इस एक्सप्रेस वे से देश के कई प्रमुख शहरों के जुड़े होने से लॉजिस्टिक कॉस्ट कम होगी और और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधि में तेजी आएगी.
  • एनएचएआई ने इस 6 लेन के हरित वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे को NH319B नाम दिया है.
  • 610 किलो मीटर लंबा यह एक्सप्रेस वे पुरुलिया जिसे से होते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने से पहले बिहार और झारखंड के चार जिलों को जोड़ेगा.
  • वाराणसी से शुरू होकर, एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश (यूपी) के चौदाली की सीमा पर चांद में बिहार में प्रवेश करेगा, और लगभग 160 किलोमीटर के बाद गया के इमामगंज में बाहर निकलेगा.
  • वहीं सासाराम के तिलौथू में सोन नदी को पार करने और जीटी रोड के माध्यम से औरंगाबाद में प्रवेश करने के लिए कैमूर की पहाड़ियों में 5 किलोमीटर की सुरंग प्रस्तावित है.
  • रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सप्रेस वे की लागत करीब 35,000 करोड़ रुपए होगी. यह एक्सप्रेसवे चतरा में स्थित हंटरगंज से होते हुए झारखंड में प्रवेश करेगा और हजारीबाग और रामगढ़ होते हुए पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में निकलेगा.
  • इस एक्सप्रेस वे के बनने के बाद वाराणसी से कोलकाता के बीच की 690 किलो मीटर की दूरी लगभग 9 घंटे में तय हो जाएगी जिसे तय करने में फिलहाल 12 से 14 घंटों का समय लगता है.

यह भी देखें