पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 रूपये करोड़ का बजट पेश किया. वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस बजट को 'विकसित बिहार' का विजन करार दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 30,694.74 करोड़ रूपये अधिक है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देते हुए विकसित बिहार का संकल्प लिया है.
राज्य के वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट का उद्देश्य सामाजिक न्याय के साथ सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है. इस बार सरकार ने अपने स्वयं के कर राजस्व से 65,800 करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. सामाजिक कल्याण की योजनाओं के लिए 7,724 करोड़ रूपये का बड़ा आवंटन किया गया है. यह बजट न केवल राज्य की विकास दर को बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण भी सुनिश्चित करेगा. सरकार का मानना है कि यह बजट बिहार के लोगों के अरमानों को नई ऊंचाई देगा.
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' इस बजट का मुख्य आकर्षण है. सरकार ने 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रूपये की राशि पहले ही भेज दी है. अब उन महिलाओं को 2 लाख रूपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं. यह योजना एनडीए के पक्ष में एक निर्णायक गेम-चेंजर साबित हो सकती है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की एक नई फौज तैयार होगी जो राज्य की प्रगति में योगदान देगी.
बिहार की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए सरकार ने पांच नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा की है. इसके साथ ही राज्य की सभी सिंगल लेन वाली सड़कों को चौड़ा कर डबल लेन बनाया जाएगा. बुनियादी ढांचे के इस विस्तार से औद्योगिक निवेश को नई दिशा मिलेगी. एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा सुगम बनाएंगे, बल्कि स्थानीय उद्योगों को बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद करेंगे. इससे निर्माण क्षेत्र में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है.
किसानों की खुशहाली के लिए बजट में 'जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना' की घोषणा की गई है. इसके तहत किसानों को सालाना 3,000 रूपये सीधे बैंक खातों में मिलेंगे. यह राशि केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त होगी. चौथे कृषि रोडमैप के माध्यम से आधुनिक खेती और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जाएगा. हाट-बाजारों के सशक्तिकरण से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाना है.
बजट में मध्यम और निम्न वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है. सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सस्ते मकान बनाने की योजना को तेजी से लागू करेगी. इससे न केवल लोगों को अपना घर मिलेगा, बल्कि जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा. वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट ईमान, सम्मान और विकास के संकल्प को पूरा करता है. बुनियादी ढांचे के विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने से युवाओं का पलायन रुकेगा और रोजगार के द्वार खुलेंगे.