उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले राजधानी लखनऊ पूरी तरह सुरक्षा के घेरे में आ गई है. प्रशासन ने विधानभवन और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. विभिन्न संगठनों की ओर से संभावित प्रदर्शन को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं ताकि सत्र के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
विधानसभा सत्र को देखते हुए विधानभवन के आसपास लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र को हाई अलर्ट जोन घोषित किया गया है. प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी.
संभावित विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है. बिना अनुमति धरना प्रदर्शन, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के सार्वजनिक रूप से एकत्र होने पर रोक रहेगी. शासन द्वारा निर्धारित ईको गार्डन के अलावा किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा कारणों से विधानभवन की निर्धारित परिधि में ट्रैक्टर ट्रॉली, तांगा, बैलगाड़ी, भैंसागाड़ी और अन्य धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य खतरनाक सामग्री लेकर प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा. इसके साथ ही राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास ड्रोन उड़ाने तथा हवाई फोटोग्राफी पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है.
विधानसभा सत्र के दौरान इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री साझा करने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं ताकि पूरा सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके.