कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और एनएच-58 पर ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 5 अगस्त से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित करने की योजना बनाई गई है. वहीं, एनएच-58 के कई हिस्सों पर पहले ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है.
प्रशासन ने मेरठ के परतापुर से लेकर उत्तराखंड सीमा तक एनएच-58 की एक ओर की लेन कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित कर दी है. दूसरी ओर की लेन पर हल्के वाहनों और दोपहिया वाहनों के लिए दो-तरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई है. यदि कांवड़ियों की संख्या और बढ़ती है तो 7 अगस्त से दूसरी लेन भी बंद करने पर विचार किया जा रहा है.
योजना के अनुसार, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी. दूसरी लेन से मेरठ से दिल्ली जाने वाले हल्के वाहन सामान्य रूप से चलते रहेंगे, लेकिन दिल्ली से मेरठ और हरिद्वार आने वाले वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा.
दिल्ली से मेरठ आने वाले वाहनों को गाजीपुर बॉर्डर → एनएच-9 → यूपी गेट → डासना इंटरचेंज → पिलखुवा → हापुड़ बाईपास → ततारपुर तिराहा → टियाला अंडरपास → किठौर → गढ़ रोड के रास्ते मेरठ पहुंचना होगा.
मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहनों को किठौर → परीक्षितगढ़ → मवाना → रामराज होते हुए आगे भेजा जाएगा.
दिल्ली और गाजियाबाद से आने वाले भारी वाहनों को सिम्भावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा. गजरौला और अमरोहा जाने वाले वाहन हसनपुर गवां कट और संभल कट के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे. वहीं, लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद से दिल्ली आने वाले भारी वाहन भी गंगा एक्सप्रेसवे और एनएच-9 के जरिए डायवर्ट किए जाएंगे.
बागपत से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा जाने वाले वाहनों को शामली → करनाल → पानीपत → सोनीपत → एनएच-44 के रास्ते भेजा जाएगा. वैकल्पिक रूप से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का भी उपयोग किया जा सकेगा.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सफर पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें. इससे जाम और असुविधा से बचा जा सकेगा तथा कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.