UP Rajya Sabha Election 2024: यूपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो चली है. राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को आयोजित डिनर पार्टी में सपा के आठ विधायक शामिल नहीं हुए. ऐसे में विधायक के क्रॉस वोटिंग का डर सपा को सताने लगा है. सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से आयोजित डिनर पार्टी से सपा के कुछ विधायक गायब हो गये.
जो विधायक डिनर में नहीं पहुंचे उनमें विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज पाण्डेय (ऊंचाहार), मुकेश वर्मा (शिकोहाबाद), महाराजी देवी (अमेठी), पूजा पाल (कौशांबी), राकेश पाण्डेय (अंबेडकर नगर), विनोद चतुर्वेदी (कालपी), राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज), अभय सिंह (गोसाईंगंज) का नाम शामिल है. इन विधायकों की गौरमौजूदगी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे है. जिनमें सांसद जया बच्चन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और दलित नेता रामजी लाल सुमन है. बीजेपी ने पूर्व सांसद संजय सेठ को अपना आठवां उम्मीदवार बनाए बनाकर राज्यसभा के चुनाव के दिलचस्प बना दिया है.
अगर बीजेपी के आठवें उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई तो सपा का तीसरा प्रत्याशी चुनाव हार सकता है. आलोक रंजन सपा के तीसरे प्रत्याशी हैं इसलिए लड़ाई उनके और बीजेपी उम्मीदवार संजय सेठ के बीच है. एक उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचने के लिए 37 प्रथम वरीयता वाले मतों की जरूरत है.
BJP को अपने 8वें उम्मीदवार की जीत दिलाने करने के लिए 9 वोटों की जरूरत है. एनडीए में बीजेपी,आरएलडी, अपना दल(एस), निषाद पार्टी, सुहलदेव पार्टी, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के कुल 288 विधायक हैं. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का एक विधायक जेल में है, जिससे बीजेपी के विधायकों की संख्या घटकर 287 रह गई है.
समाजवादी पार्टी को अपने तीसरे उम्मीदवार की जीत दिलाने के लिए सिर्फ तीन वोटों की जरूरत है. सपा और कांग्रेस के पास कुल मिलाकर 110 विधायक हैं. इनमें दो सपा विधायक रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी जेल में हैं. इस तरह सपा को 3 और विधायकों के वोट की जरूरत है. अगर सपा विधायक राकेश पांडे बीजेपी प्रत्याशी को वोट देते हैं तो सपा को 4 वोटों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में विधायकों की क्रॉस वोटिंग 10 उम्मीदवार के जीत का फैसला करेगा.