Hanuma Vihari : आंध्र प्रदेश टीम के पूर्व कप्तान हनुमा विहारी का दर्द कुछ इस तरह छलका है कि वो रणजी ट्रॉफी शुरू होने के समय आंध्र टीम के कप्तान थे लेकिन पहले मैचों के बाद ही उनको कप्तानी से अचानक हटा दिया गया था. जिसके बाद टीम क्वाटर फाइनल में हारकर बाहर हो गई है.
आंध्रा की टीम से अब नहीं खेलेंगे हनुमा विहारी
भारतीय टीम से इन दिनों बाहर चल रहे ऑलराउंडर खिलाड़ी हनुमा विहारी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से चौकाने वाला खुलासा किया है. आंध्र प्रदेश के पूर्व में कप्तान रहे हनुमा ने बताया कि उनको अचानक कप्तानी से इस वजह से हटा दिया गया कि क्योंकि उन्होंने नेता के बेटे को डांटने का नुकसान भुगतना पड़ा. इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी ऐलान कर दिया कि वो आगे से आंध्र क्रिकेट टीम के लिए नहीं खेलेंगे.
पॉलिटिशियन पिता की वजह से गई कप्तानी
हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि वो पहले बंगाल के लिए खिलाफ हुए पहले मैच में वो आंध्र टीम के कप्तान थे उस दौरान टीम के 17वें खिलाड़ी के ऊपर उनका गुस्सा भारी पड़ गया. चूंकि उस खिलाड़ी के पिता पॉलिटिशियन हैं. जिनके शिकायत की वजह से एसोसिएशन ने उनकी कप्तानी वापस ले ली.
हनुमा ने लिखा, 'हमने अंत तक कड़ा संघर्ष किया लेकिन ऐसा होना तय नहीं था. यह पोस्ट कुछ तथ्यों के बारे में है जिन्हें मैं सबके सामने रखना चाहता हूं. बंगाल के खिलाफ पहले मैच के दौरान मैं कप्तान था, उस मैच के दौरान मैं टीम के 17वें खिलाड़ी पर गुस्सा हो गया. उस खिलाड़ी ने अपने पिता से इस बात की शिकायत की. उसके पिता एक राजनेता हैं. उसके पिता ने एसोसिएशन से मेरे खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा. जिसके बाद मुझे बिना किसी गलती के कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया.'