गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब नौवीं मंजिल से कूदकर तीन सगी नाबालिग बहनों ने आत्महत्या कर ली. 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी के कमरे से मिली डायरी और आठ पन्नों के नोट ने जांच को नई दिशा दी.
पुलिस के अनुसार, बहनें लंबे समय से एक टास्क आधारित कोरियन लव गेम और वैश्विक डिजिटल कंटेंट में डूबी थी. हाल के दिनों में मोबाइल प्रतिबंध से वे मानसिक रूप से परेशान थी.
एसीपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी बाहरी दबाव या साजिश के संकेत नहीं मिले. घटनास्थल से बरामद डायरी और नोट में भावनात्मक भाषा है. पिता के अनुसार, बेटियां ढाई से तीन साल से एक ही कोरियन गेम खेल रही थी. मोबाइल उपयोग सीमित होने से वे बेचैन थी.
डायरी में कोरियन एक्टर्स, के-पॉप, कोरियन बीएल ड्रामा के साथ चीनी, थाई और जापानी कलाकारों, गानों और फिल्मों का उल्लेख है. हॉलीवुड कंटेंट, अंग्रेजी गाने और ‘Wednesday Addams’ किरदार भी सूची में शामिल हैं. यह सूची बताती है कि तीनों बहनों की रुचि एक देश तक सीमित नहीं थी, बल्कि वैश्विक मनोरंजन में फैल चुकी थी.
डायरी में कई हॉरर और सर्वाइवल गेम्स के नाम दर्ज हैं. इनमें Poppy Playtime, The Baby in Yellow, Evil Nun, Ice Cream Man Game और Ice Game शामिल हैं. और साथ ही लोकप्रिय गेमिंग चैनलों के गेमप्ले कंटेंट का भी जिक्र है. इन खेलों की चुनौती, इनाम और निरंतर उत्तेजना ने बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखा.
डिजिटल रुचियों में बच्चों के पसंदीदा कार्टून भी शामिल थे. Doraemon, Shinwen, PJ Masks, Peppa Pig और अन्य एनीमेशन पात्रों के साथ डिज्नी फिल्मों के पात्र- राजकुमारी एल्सा, अरायल,, सिंड्रेला, अरोरा और जासमीन का उल्लेख है. यह मिश्रण उम्र से अधिक भावनात्मक जुड़ाव और फैंटेसी में डूबे रहने की ओर इशारा करता है.
फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिक के अनुसार, गेमिंग सीधे तौर पर आत्मघाती कदम का कारण नहीं बनती, लेकिन इनाम आधारित संरचना बच्चों को मानसिक रूप से निर्भर बना सकती है. महामारी के बाद बढ़ी स्क्रीन टाइम की आदतें, अचानक नियंत्रण और संवाद की कमी मिलकर स्थिति को अस्थिर कर देती हैं. यह घटना परिवार और समाज के लिए चेतावनी है.