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UP Officer Swept Away In Ganga: गंगा में बहे यूपी के अधिकारी, दोस्तों का दावा- गोताखोरों ने बचाने के लिए मांगे 10 हजार रुपये

UP Officer Swept Away In Ganga: उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह की तलाश तीसरे दिन भी जारी है. उन्नाव के नानामऊ घाट पर नहाते समय वे गंगा की तेज धारा में बह गए थे. उनके दोस्तों का आरोप है कि गोताखोरों ने शुरू में बचाव कार्य के लिए पैसे मांगे थे. अधिकारी अब तलाश जारी रखते हुए इन दावों की जांच कर रहे हैं.

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UP Officer Swept Away In Ganga: गंगा में बहे यूपी के अधिकारी, दोस्तों का दावा- गोताखोरों ने बचाने के लिए मांगे 10 हजार रुपये
Courtesy: India Daily

UP Officer Swept Away In Ganga: उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह की तलाश के लिए सोमवार को तीसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी रहा. शनिवार दोपहर उन्नाव के बिल्हौर में नानामऊ घाट पर नहाते समय गंगा की तेज धारा में आदित्य बह गए थे. पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय आदित्य अपने दोस्तों से फोटो खिंचवाने के लिए गहरे पानी की ओर चले गए थे. डीसीपी (पश्चिम) राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आदित्य सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय अपने दोस्तों से फोटो खिंचवाना चाहते थे.

पुलिस के मुताबिक,फोटो खिंचवाने के चक्कर में आदित्य वर्धन सिंह ने चेतावनी वाले निशान पर ध्यान नहीं दिया होगा. बताया जा रहा है कि  आदित्य वर्धन सिंह स्वीमिंग जानते थे, लेकिन शायद वे गंगा की तेज धारा में फंस गए होंगे. उधर, आदित्य के दोस्तों ने आरोप लगाया कि उन्होंने घाट पर निजी गोताखोरों से उसे बचाने का अनुरोध किया, लेकिन उनसे 10,000 रुपये देने को कहा गया. जब दोस्तों ने कहा कि उनके पास नकदी नहीं है, तो गोताखोरों ने कथित तौर पर ऑनलाइन भुगतान की मांग की. जब तक पैसे ट्रांसफर किए गए, तब तक आदित्य बह चुका था.

वाराणसी में तैनात थे आदित्य वर्धन सिंह

लखनऊ के इंदिरानगर के रहने वाले आदित्य वाराणसी में तैनात थे. बिल्हौर एसीपी अजय कुमार त्रिवेदी ने कहा कि हमने रविवार सुबह फिर से तलाश शुरू की, लेकिन हमें अभी तक आदित्य का पता लगाने में सफलता नहीं मिली है. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), फ्लड यूनिट, पुलिस और निजी गोताखोर खोज प्रयासों में शामिल हैं.

गोताखोरों की ओर से पैसे मांगने के आरोपों के बारे में डीसीपी सिंह ने कहा कि गोताखोरों ने दावा किया है कि उन्होंने सिर्फ़ अपने स्टीमर के ईंधन के लिए पैसे मांगे थे. उन्होंने कहा कि अगर आदित्य वर्धन सिंह के दोस्तों के आरोपों में  कोई सच्चाई है, तो हम गोताखोरों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

हेल्थ डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह की पत्नी श्रेया महाराष्ट्र में जज बताई जा रहीं हैं. आदित्य के पिता सिंचाई विभाग में थे. फिलहाल, आदित्य के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.