उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं. 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान गई, जबकि 46 लोग घायल हुए. राहत आयुक्त के आंकड़ों के मुताबिक 1,021 मकानों को नुकसान पहुंचा है. राज्य के 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है. कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ने से प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.
बारिश से हुई मौतों में सीतापुर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां सात लोगों की जान गई. इसके बाद लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच मौतें दर्ज की गईं. अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार लोगों की मौत हुई. अधिकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में राज्य में 45.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 1.8 मिमी है.
राज्य के 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक कई निगरानी केंद्रों पर घाघरा और राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. मौसम में अगले 24 घंटों के बाद सुधार की उम्मीद जताई गई है, लेकिन नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की निगरानी जारी है.
राजधानी लखनऊ के पुराने शहर स्थित हुसैनाबाद इलाके में भारी बारिश के बीच एक ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिर गया. घटना के समय वहां ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित हिस्से को बैरिकेड कर दिया. केकेसी के पास एक पेड़ कार पर गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हुआ. बरेली के बारादरी मॉडल टाउन में भी पेड़ गिरने की घटना सामने आई.
नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में पहुंचकर तत्काल मदद सुनिश्चित करने को कहा गया है. कानपुर में कई जगह जलभराव हुआ, जबकि गोरखपुर में तेज हवाओं और भारी बारिश से सड़कें और बाजार पानी में डूब गए. कुछ घरों और दुकानों में भी पानी घुसने की सूचना है.