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गन्ना किसानों की जिंदगी बदली, यूपी सरकार की नीति और रिकॉर्ड भुगतान ने लौटाई खेतों में रौनक

यूपी सरकार गन्ना भुगतान में देश में अव्वल नंबर पर आ गए हैं. योगी सरकार ने गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया. गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल बढ़ोतरी भी हुई.

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Edited By: Reepu Kumari
गन्ना किसानों की जिंदगी बदली, यूपी सरकार की नीति और रिकॉर्ड भुगतान ने लौटाई खेतों में रौनक
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना भुगतान के मामले में पूरे देश में सबसे आगे निकल गई है. योगी सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया है. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि देश के किसी भी अन्य राज्य ने अब तक गन्ना किसानों को इतनी बड़ी राशि का भुगतान नहीं किया. पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी भी की गई है.

एक दशक पहले की तस्वीर-मिलें बंद, किसान कर्ज में डूबे

यूपी गन्ना उत्पादन और भुगतान की यह सफलता समझनी हो तो पहले पिछले दशक की तस्वीर देखनी होगी. पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक गन्ना किसान की पीड़ा एक आम दृश्य था. चीनी मिलों के बाहर महीनों तक खड़ी गन्ने की ट्रॉलियां, सड़ती फसल और मायूस किसान इस राज्य की नियति बन चुके थे. मिलें बंद पड़ी थीं, गन्ना मूल्य बकाया था और किसान कर्ज के बोझ तले दबे थे. लेकिन योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही किसानों की कर्ज माफी कर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी.

3.22 लाख करोड़ का भुगतान-लाखों परिवारों की बदली तकदीर

यूपी सरकार गन्ना भुगतान का यह आंकड़ा महज एक संख्या नहीं है, यह लाखों परिवारों की आर्थिक जीवन रेखा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान आज गर्व से कहते हैं कि पहले चीनी मिलें उनका पैसा महीनों लटकाए रखती थीं. अब समय पर भुगतान मिलता है तो बच्चों की पढ़ाई और शादी-ब्याह की चिंता नहीं रहती. बाराबंकी के पद्मश्री किसान राम शरण वर्मा के अनुसार सरकारी नीतियों और किसान की लगन के संगम ने यह सफलता संभव की है.

गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी और यूपी बना देश का अव्वल उत्पादक

यूपी सरकार गन्ना मूल्य नीति के तहत पेराई सत्र 2025-26 में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है. उत्तर प्रदेश आज देश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाला राज्य बन चुका है. यही नहीं, औसत चीनी परता में यूपी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक को भी पीछे छोड़ दिया है. बेहतर बीज, वैज्ञानिक खेती, समय पर सिंचाई और चीनी मिलों की बेहतर कार्यकुशलता ने मिलकर यह चमत्कार किया है.

फार्मर आईडी और किसान क्रेडिट कार्ड-बिचौलियों का खेल खत्म

योगी सरकार ने किसानों को सीधा लाभ देने के लिए डिजिटल व्यवस्था मजबूत की है. 2024-25 से मार्च 2026 तक 2.03 करोड़ फार्मर आईडी जारी की गई हैं. यह डिजिटल दस्तावेज सुनिश्चित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसान के खाते में पहुंचे और बिचौलिये बीच में न आ सकें. किसान क्रेडिट कार्ड और फसली ऋण की सुविधा से किसानों को खाद और सिंचाई के लिए साहूकारों के पास नहीं जाना पड़ता. यूपी गन्ना उत्पादन में यह नीतिगत बदलाव सबसे बड़ा योगदान है.