लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने विशेष जनसंपर्क अभियान की तैयारी शुरू कर दी है. आठ से 14 जून के बीच चलने वाले इस अभियान में मंत्री, सांसद और विधायक सीधे जनता के बीच पहुंचकर सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा करेंगे.
इस अभियान की खास बात यह होगी कि जनप्रतिनिधि केवल भाषण नहीं देंगे, बल्कि विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़े आंकड़ों और तथ्यों के साथ लोगों को सरकार के कामकाज से परिचित कराएंगे. उन्हें गांवों और कस्बों में रात्रि विश्राम भी करना होगा, जहां चौपाल लगाकर स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया जाएगा.
भाजपा का उद्देश्य मतदाताओं को यह बताना है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें अन्य दलों की सरकारों से किस प्रकार अलग हैं. जनप्रतिनिधि पार्टी की नीतियों, कार्यसंस्कृति और विकास मॉडल को लोगों के सामने रखेंगे. इसके जरिए जनता में यह विश्वास मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" का संकल्प धरातल पर उतारा गया है.
पार्टी ने हाल ही में पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया है. प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे वक्ताओं को तैयार करना था जो विकास और भावनात्मक दोनों मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रख सकें. इस दौरान मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी संवाद कौशल और जनसंपर्क की रणनीतियों की जानकारी दी गई.
भाजपा नेतृत्व को यह भी पता है कि लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा. ऐसे में केवल राजनीतिक भाषणों से काम नहीं चलेगा. इसलिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आंकड़ों और तथ्यों के साथ जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है.
अभियान के दौरान आयुष्मान भारत, हर घर नल योजना, शिक्षा, सुरक्षा, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, निवेश, एक्सप्रेसवे, हवाई सेवाओं के विस्तार, मेट्रो परियोजनाओं और किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं से जुड़े आंकड़ों का विशेष पत्रक तैयार किया गया है. इन पत्रकों के माध्यम से लाभार्थियों और आम लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी.
गांवों में आयोजित होने वाली चौपालों के जरिए भाजपा किसानों और ग्रामीण मतदाताओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है. इसके साथ ही विकास कार्यों और भावनात्मक मुद्दों को जोड़कर आगामी चुनावों के लिए मजबूत जनाधार तैयार करने का प्रयास भी किया जाएगा.