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यूपी चुनाव 2027: ‘आधी आबादी’ पर BJP का मास्टरस्ट्रोक, महिलाओं को सीधे खाते में पैसा देने की तैयारी में योगी सरकार

यूपी चुनाव से पहले महिलाओं की आर्थिक मदद पर योगी सरकार बड़ा फैसला तैयार कर रही है. प्रत्यक्ष लाभ, पेंशन, कन्या सुमंगला और नई महिला योजना पर मंथन तेज है.

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Edited By: Reepu Kumari
यूपी चुनाव 2027: ‘आधी आबादी’ पर BJP का मास्टरस्ट्रोक, महिलाओं को सीधे खाते में पैसा देने की तैयारी में योगी सरकार
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं की आर्थिक मदद को लेकर बड़े फैसले की तैयारी में जुटी है. प्रदेश की छह करोड़ से अधिक महिला मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्यक्ष लाभ, पेंशन बढ़ोतरी और नई महिला योजना जैसे विकल्पों पर गंभीर मंथन चल रहा है. सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करना और पहले से चल रही जनकल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाकर अधिक परिवारों तक लाभ पहुंचाना माना जा रहा है.

छह करोड़ महिला मतदाताओं पर BJP की नजर

उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाती हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं का बड़ा समर्थन सत्तारूढ़ दल के लिए महत्वपूर्ण माना गया था. इसी वजह से सरकार ऐसी योजनाओं पर विचार कर रही है, जिनका सीधा लाभ महिलाओं के बैंक खातों तक पहुंचे और आर्थिक सुरक्षा का संदेश मजबूत हो.

किन विकल्पों पर चल रहा है मंथन?

सूत्रों के अनुसार सरकार के सामने तीन प्रमुख प्रस्ताव हैं. अंतिम निर्णय से पहले वित्तीय भार और लाभार्थियों की संख्या का आकलन किया जा रहा है.

  • महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता.
  • चल रही योजनाओं की सहायता राशि बढ़ाना.
  • नई महिला केंद्रित जनकल्याण योजना शुरू करना.

पेंशन और सहायता राशि बढ़ाने की तैयारी

सरकार पहले ही कई महिला कल्याण योजनाओं में सहायता बढ़ा चुकी है. अब अनुपूरक बजट के जरिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भी बढ़ोतरी की तैयारी बताई जा रही है.

संभावित प्रस्ताव के तहत इन वर्गों को लाभ मिल सकता है;

  • वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी.
  • दिव्यांग पेंशन पाने वाले नागरिक.
  • निराश्रित महिला पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं.
  • सरकार इसे सामाजिक सुरक्षा के बड़े विस्तार के रूप में पेश कर सकती है.

बेटियों के लिए भी हो सकता है बड़ा ऐलान

कन्या सुमंगला योजना के दायरे और सहायता राशि दोनों बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल पात्र परिवारों की बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक चरणबद्ध आर्थिक सहायता मिलती है. इसके साथ ही मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटर वितरण की तैयारी भी तेज की जा रही है, जिससे उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिले.

आत्मनिर्भर महिलाओं पर भी रहेगा फोकस

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना भी सरकार की प्राथमिकता में है. लक्ष्य लाखों महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. महिला सशक्तिकरण की रणनीति में सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है.

चुनावी रणनीति में क्यों अहम है यह फैसला?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाता अब केवल कल्याण योजनाओं ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों को भी महत्व देती हैं. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना या मौजूदा योजनाओं के विस्तार को भाजपा की प्रमुख चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, सरकार की ओर से अंतिम घोषणा अभी बाकी है.