लखनऊ: यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं की आर्थिक मदद को लेकर बड़े फैसले की तैयारी में जुटी है. प्रदेश की छह करोड़ से अधिक महिला मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्यक्ष लाभ, पेंशन बढ़ोतरी और नई महिला योजना जैसे विकल्पों पर गंभीर मंथन चल रहा है. सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करना और पहले से चल रही जनकल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाकर अधिक परिवारों तक लाभ पहुंचाना माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाती हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं का बड़ा समर्थन सत्तारूढ़ दल के लिए महत्वपूर्ण माना गया था. इसी वजह से सरकार ऐसी योजनाओं पर विचार कर रही है, जिनका सीधा लाभ महिलाओं के बैंक खातों तक पहुंचे और आर्थिक सुरक्षा का संदेश मजबूत हो.
सूत्रों के अनुसार सरकार के सामने तीन प्रमुख प्रस्ताव हैं. अंतिम निर्णय से पहले वित्तीय भार और लाभार्थियों की संख्या का आकलन किया जा रहा है.
सरकार पहले ही कई महिला कल्याण योजनाओं में सहायता बढ़ा चुकी है. अब अनुपूरक बजट के जरिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भी बढ़ोतरी की तैयारी बताई जा रही है.
संभावित प्रस्ताव के तहत इन वर्गों को लाभ मिल सकता है;
कन्या सुमंगला योजना के दायरे और सहायता राशि दोनों बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल पात्र परिवारों की बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक चरणबद्ध आर्थिक सहायता मिलती है. इसके साथ ही मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटर वितरण की तैयारी भी तेज की जा रही है, जिससे उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिले.
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना भी सरकार की प्राथमिकता में है. लक्ष्य लाखों महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. महिला सशक्तिकरण की रणनीति में सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाता अब केवल कल्याण योजनाओं ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों को भी महत्व देती हैं. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना या मौजूदा योजनाओं के विस्तार को भाजपा की प्रमुख चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, सरकार की ओर से अंतिम घोषणा अभी बाकी है.