उत्तर प्रदेश में मानसून का असर साफ नजर आ रहा है. मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और दिन में एक या दो बार गरज के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं. सुबह और रात के समय भी वातावरण में चिपचिपाहट बनी हुई है. धूप निकलने के बाद खुले में रहना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में मौसम विभाग का अनुमान अगर सही होता है तो लोगों को राहत मिल सकती है.
राज्य के कई इलाकों में गुरुवार शाम अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला. झमाझम बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं. जहां पश्चिमी यूपी में बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है. हालांकि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई स्थानों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है. ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से पूर्वी हिस्सों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी किनारे और निचले इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत है.
प्रयागराज में अभी सबसे ज्यादा बाढ़ का खतरा बना हुआ है. गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक जिले में 47.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई और यह 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 19 अगस्त को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस था. मौसम विभाग के अनुसार 21 अगस्त से अगले छह दिनों तक प्रयागराज में अलग-अलग चरणों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है. 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि इसके बाद 26 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.