उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु IPS अधिकारियों को अब उनकी पहली नियमित जिम्मेदारी सौंप दी गई है. शासन की ओर से कुल 23 IPS अधिकारियों की तैनाती की गई है. इनमें वर्ष 2023 बैच के 12 और वर्ष 2024 बैच के 11 अधिकारी शामिल हैं. इन सभी अधिकारियों को प्रदेश के अलग अलग जिलों और कमिश्नरेट में तैनात किया गया है.
इन नियुक्तियों में सबसे ज्यादा चर्चा राजस्थान निवासी दिनेश गोदारा की हो रही है. सिविल सेवा परीक्षा में 150वीं रैंक हासिल करने वाले दिनेश गोदारा को अयोध्या का ASP बनाया गया है. उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अच्छी खासी नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आने का फैसला किया.
दिनेश गोदारा ने IIT गुवाहाटी से BTech की पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें करीब 18 लाख रुपये सालाना वेतन वाली नौकरी मिली थी. अच्छी नौकरी और बेहतर करियर विकल्प होने के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया. दिनेश ने सिविल सेवा परीक्षा में 150वीं रैंक हासिल की और IPS के लिए चयनित हुए. अब उन्हें अयोध्या में ASP की जिम्मेदारी दी गई है. उनके लिए यह पहली नियमित तैनाती है और प्रशासनिक सेवा में उनके करियर की नई शुरुआत भी मानी जा रही है.
शासन की ओर से जारी तैनाती के तहत 2023 बैच के अधिकारियों को प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में भेजा गया है. दिल्ली निवासी सुभम जैन को वाराणसी में तैनाती मिली है, जबकि मध्य प्रदेश निवासी सृष्टि जैन को अलीगढ़ भेजा गया है. मानसी को बस्ती, बजरंग प्रसाद को आगरा, प्रेमसुख दरिया को बुलंदशहर और विनय कुमार यादव को सीतापुर की जिम्मेदारी दी गई है. संचित शर्मा को नोएडा में तैनात किया गया है. इसके अलावा एस दीप्थी चाह्वाण को प्रयागराज, श्लोक गौतम को हरदोई, दीक्षा भोरिया को मेरठ और सुमेध मिलिंद जाधव को बदायूं में तैनाती मिली है.
वर्ष 2024 बैच के 11 प्रशिक्षु IPS अधिकारियों को भी पहली नियमित तैनाती दे दी गई है. अंकित बंसल को लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है. अंजना दहिया को कानपुर कमिश्नरेट और अभय राजेंद्र दागा को गाजियाबाद कमिश्नरेट में तैनात किया गया है. जयबिंद कुमार गुप्ता को फिरोजाबाद, प्रदीप कुमार को उन्नाव और सम्यक चौधरी को देवरिया की जिम्मेदारी दी गई है. कनिष्क आर जमकर को बहराइच, सारिका चौधरी को सहारनपुर और ईश्वर लाल गुर्जर को आजमगढ़ भेजा गया है. वहीं सिमरन सिंह को झांसी और मोहम्मद आफताब आलम को बाराबंकी में तैनाती मिली है.
प्रशिक्षु IPS अधिकारियों के लिए पहली नियमित तैनाती बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. अब इन अफसरों को अपने अपने जिलों में कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभालने का मौका मिलेगा. नई तैनाती के साथ इन अधिकारियों के सामने जमीनी स्तर पर काम करने और प्रशासनिक अनुभव हासिल करने की चुनौती भी होगी. अलग अलग जिलों में पोस्टिंग मिलने से उन्हें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियों और स्थानीय प्रशासन को समझने का अवसर मिलेगा.