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Lucknow Fire Incident: दो दोस्त, एक हादसा और उजड़ गए परिवारों के सपने; जानें कानपुर के संयम और सूरज के मौत की दर्दनाक कहानी

लखनऊ अग्निकांड में कानपुर के दो दोस्तों संयम विज और सूरजभान सिंह की मौत से दो परिवार गहरे शोक में हैं. दोनों अपने परिवारों का सहारा थे. चलिए जानते हैं कैसी है उनके परिजनों की स्थिति.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Lucknow Fire Incident: दो दोस्त, एक हादसा और उजड़ गए परिवारों के सपने; जानें कानपुर के संयम और सूरज के मौत की दर्दनाक कहानी
Courtesy: @PuneetP78555204 X Account

लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण हादसे में कानपुर के रहने वाले 28 वर्षीय संयम विज और 25 वर्षीय सूरजभान सिंह की मौत ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. दोनों दोस्त एक ही संस्थान में काम करते थे और अपने परिवारों का सहारा बने हुए थे. उनकी मौत के बाद दोनों घरों में मातम पसरा हुआ है.

संयम विज के परिवार में पहले से ही दुख का माहौल था. कुछ दिन पहले उनकी दादी का निधन हुआ था और मंगलवार को तेरहवीं का कार्यक्रम होना था. घर में रिश्तेदार जुटे हुए थे और सभी को संयम के आने का इंतजार था. परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह जल्द घर पहुंचेंगे और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे. लेकिन शाम होते-होते लखनऊ अग्निकांड में उनकी मौत की खबर पहुंच गई. देखते ही देखते तेरहवीं की तैयारियां मातम में बदल गईं.

परिजनों ने क्या बताया?

परिजनों ने बताया कि संयम परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद थे. वह नौकरी कर रहे थे और घर की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. परिवार को भरोसा था कि आने वाले समय में उनकी मेहनत से घर की स्थिति और बेहतर होगी, लेकिन हादसे ने सभी सपनों को तोड़ दिया.

दूसरी ओर सूरजभान सिंह की कहानी भी बेहद भावुक कर देने वाली है. उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उन्हीं के कंधों पर थी. घर में उनकी मां और छोटा भाई हैं. नौकरी के कारण वह लखनऊ में रहते थे, लेकिन लगभग हर सप्ताह कानपुर अपने घर आते थे. उनकी मां को बेटे के आने का बेसब्री से इंतजार रहता था.

हादसे के बाद परिवार के लोगों ने अभी तक सूरजभान की मां को उनके निधन की जानकारी नहीं दी है. परिजनों को डर है कि अचानक इतना बड़ा सदमा उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है. मां बार-बार बेटे के बारे में पूछ रही हैं, लेकिन परिवार के सदस्य किसी तरह उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

मोहल्ले के लोगों के अनुसार संयम और सूरजभान की दोस्ती पूरे इलाके में मिसाल मानी जाती थी. दोनों मेहनती, जिम्मेदार और अपने परिवारों के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखते थे. किसी ने नहीं सोचा था कि दोनों दोस्तों की जिंदगी एक ही हादसे में खत्म हो जाएगी.