लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लोगों को अभी कुछ दिन और उमस भरी गर्मी और हीटवेव का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मानसून की एंट्री उम्मीद से देर से हो रही है, जिसके कारण तापमान में खास गिरावट देखने को नहीं मिल रही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ने की संभावना है, लेकिन इससे केवल सीमित राहत मिलने के आसार हैं.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण इसका असर उत्तर प्रदेश तक पहुंचने में देरी हो रही है. पहले अनुमान लगाया गया था कि 29 जून के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है, लेकिन अब जून के अंत तक व्यापक बारिश की संभावना कमजोर पड़ गई है. जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की सक्रिय शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा रही है.
सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी. सुबह के समय कुछ इलाकों में मध्यम गति से हवाएं चलीं, लेकिन दोपहर तक यह गर्म हवाओं और लू में बदल गईं. इसके चलते अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आर्द्रता का स्तर 58 प्रतिशत तक पहुंचने से उमस और अधिक महसूस हुई.
तराई क्षेत्र में भी गर्मी का असर है. सुबह नौ बजे के बाद ही तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है. गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण आम लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी परेशान हैं. मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण कई बार लोगों को बादल और धुंध जैसा माहौल दिखाई दिया, जिससे बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन मौसम ने करवट नहीं ली.
मौसम जानकारों का मानना है कि 29 जून के आसपास या उसके बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि फिलहाल किसी बड़े बदलाव के स्पष्ट संकेत नहीं हैं. राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी और उमस बनी रह सकती है.
प्रदेश में मानसून के इंतजार के बीच किसान भी आसमान की ओर नजर लगाए हुए हैं. फिलहाल सभी की उम्मीदें जुलाई के पहले सप्ताह पर टिकी हुई हैं, जब मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है.