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कानपुर-लखनऊ हाईवे पर फिर बढ़ा टोल, NHAI ने जारी की नई रेट लिस्ट

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के महज एक सप्ताह बाद ही कानपुर-लखनऊ हाईवे पर टोल दरों में दूसरी बार बढ़ोतरी कर दी गई है. नई दरें सोमवार रात 12 बजे से लागू होंगी. इस वित्तीय वर्ष में पहली बार ऐसा हुआ है कि एनएचएआइ ने एक ही साल में दो बार टोल शुल्क बढ़ाया है.

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Edited By: Shanu Sharma
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर फिर बढ़ा टोल, NHAI ने जारी की नई रेट लिस्ट
Courtesy: ANI

लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कानपुर-लखनऊ हाईवे पर टोल शुल्क में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है. नई दरें सोमवार रात 12 बजे से नवाबगंज टोल प्लाजा पर लागू कर दी जाएंगी. 

कार से लेकर भारी वाहनों तक सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए अधिकतम 30 रुपये तक टोल बढ़ाया गया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू हुए अभी केवल एक सप्ताह ही हुआ है. ऐसे में हाईवे पर बढ़े टोल को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा तेज हो गई है.

एक ही वित्तीय वर्ष में दूसरी बार बढ़ा टोल

अब तक एनएचएआइ हर वर्ष 31 मार्च के बाद नियमित वार्षिक संशोधन के तहत टोल दरों में बदलाव करता था. चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में भी पांच रुपये से लेकर 45 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी. उस समय निजी कारों को राहत देते हुए उनके टोल में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जबकि व्यावसायिक और भारी वाहनों का शुल्क बढ़ाया गया था.

अब मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद दूसरी बार टोल दरों में संशोधन किया गया है. एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा के अनुसार, नई दरों के तहत सभी श्रेणियों के वाहनों पर अधिकतम 30 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.

एनएचएआइ ने बताई बढ़ोतरी की वजह

प्राधिकरण का कहना है कि लखनऊ से बनी तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का करीब 18 किलोमीटर का हिस्सा अभी बिना टोल के उपयोग किया जा रहा है. बड़ी संख्या में वाहन चालक इस मुफ्त मार्ग का लाभ उठाकर बनी पहुंचने के बाद सर्विस रोड के जरिए कानपुर-लखनऊ हाईवे पर प्रवेश कर रहे हैं. इसके अलावा हाल ही में करीब 102 करोड़ रुपये की लागत से हाईवे पर ओवरले का कार्य कराया गया है.

सड़क की गुणवत्ता में सुधार, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने और सफर को अधिक सुगम बनाने के बाद रखरखाव की लागत बढ़ी है. एनएचएआइ का कहना है कि इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए टोल दरों में संशोधन किया गया है. सिर्फ सामान्य टोल ही नहीं, बल्कि नियमित यात्रियों के लिए जारी किए जाने वाले मासिक पास की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है.