19 वर्षीय नीरू पाठक ने अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स दल में जगह बनाई है. यह उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा. नीरू महिलाओं की 400 मीटर दौड़ और मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. पिछले एक साल में उन्होंने लगातार सुधार दिखाया है और जूनियर स्तर पर कई यादगार उपलब्धियां हासिल की हैं. अब उनकी नजर ग्लासगो में गौरवान्वित करने पर है.
भारतीय स्प्रिंटर नीरू पाठक ग्लासगो में होने वाले 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सबसे युवा एथलीटों में शामिल होंगी. 19 साल की उम्र में उन्हें पहली बार भारतीय दल में चुना गया है. वह महिलाओं की 400 मीटर दौड़ के साथ मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भी अपना दम दिखाएंगी. यह कॉम्पिटिशन उनके लिए इंटरनेशनल लेवल पर खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी.
नीरू पाठक ने बीते एक साल में अपनी रफ्तार और क्षमता से सभी का ध्यान खींचा है. उन्होंने अंडर-20 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की. यह उपलब्धि उनके करियर के शुरुआती दौर की बड़ी सफलता रही और इसके बाद उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला.
नीरू ने केवल व्यक्तिगत स्पर्धाओं में ही नहीं बल्कि रिले मुकाबलों में भी प्रभाव छोड़ा है. उन्होंने 2026 एशियाई रिले चैंपियनशिप में महिलाओं की 4x100 मीटर रिले टीम के गोल्ड मेडल जीतने में अहम योगदान दिया. इससे उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जुड़ी. रिले स्पर्धाओं में उनकी मौजूदगी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में नीरू पाठक का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 52.78 सेकंड है. इसके अलावा वह मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रही हैं, जिसने 3:17.06 सेकंड का समय दर्ज किया है. यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह व्यक्तिगत दौड़ के साथ-साथ टीम स्पर्धाओं में भी भारत के लिए उपयोगी खिलाड़ी बन चुकी हैं.