प्रयागराजः संगम नगरी प्रयागराज के मऊआइमा इलाके से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. पैसे की भूख कैसे एक इंसान को हैवान बना देती है, यह संगम नगरी में देखने को मिलता है. 1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी के लालच में एक बड़े बेटे ने अपने ही खून से गद्दारी कर दी.
बता दें कि शुक्रवार रात को आरोपी मुकेश पटेल ने अपने पिता, छोटी बहन और 14 साल की मासूम भांजी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी और उनकी लाशों को घर के पास एक 20 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया. पुलिस की पूछताछ में आरोपी मुकेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. वारदात की रात मुकेश अपने पिता राम सिंह (55) के घर पहुंचा.
जैसे ही पिता ने दरवाजा खोला, मुकेश ने उनका गला दबाने की कोशिश की. शोर सुनकर बहन साधना (21) और भांजी आस्था (14) जाग गईं. पकड़े जाने के डर और जायदाद के जुनून में मुकेश ने पास रखी कुल्हाड़ी उठाई और तीनों को मौत के घाट उतार दिया.
लाशों को ठिकाने लगाने के लिए वह उन्हें घसीटकर 200 मीटर दूर एक कुएं तक ले गया, उन्हें अंदर फेंक दिया. उसके बाद उसने ऊपर से पुआल व मिट्टी डाल दी ताकि किसी को शक न हो. ऐसे करने का बाद भी उसके अंदर कोई ममता नहीं दिखी. उसके आंखों में पैसों के लिए प्यार उसके खुद के परिवार से ज्यादा हो गया.
जांच में सामने आया कि पिता राम सिंह ने अपनी 4.5 बीघा जमीन और मकान छोटे बेटे मुकुंद लाल के नाम कर दिया था. मुकेश इसी बात से नाराज था. उसने पुलिस को बताया, "मैं सिर्फ 10 बिस्वा जमीन मांग रहा था, लेकिन पिता ने सब कुछ भाई को दे दिया." इसी रंजिश में उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची.
हैरानी की बात यह है कि तीनों की हत्या करने के अगले दिन मुकेश ने अपने छोटे भाई मुकुंद पर भी जानलेवा हमला किया. उसने मुकुंद पर गोली चलाई जो उसके कंधे में लगी. घायल मुकुंद ने जब पिता को फोन किया और संपर्क नहीं हो पाया, तब जाकर पुलिस को सूचना दी गई.
शुरुआत में पुलिस को सिर्फ खून से सना बिस्तर मिला था। मामला संदिग्ध लगने पर ड्रोन और NDRF की मदद ली गई. सोमवार को जब मुकेश को गिरफ्तार किया गया, तब उसने कुएं का राज उगला. गोताखोरों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से तीनों शवों को बाहर निकाला.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. एक झटके में 1.5 करोड़ की संपत्ति पाने की चाहत ने हंसते-खेलते परिवार को श्मशान बना दिया. पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी है.