मथुरा: वृंदावन स्थित केशव धाम में सोमवार सुबह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई. सर संघ चालक मोहन भागवत की अध्यक्षता में आरंभ हुई यह बैठक 7 जनवरी तक चलेगी. इसके बाद दो दिन की एक और अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसका समापन 9 जनवरी को होगा. बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मीडिया को इससे दूर रखा गया है.
बैठक में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत रविवार सुबह ही वृंदावन पहुंच गए थे. सोमवार सुबह उन्होंने बैठक के पहले सत्र का शुभारंभ किया. इसके बाद सह सर कार्यवाह, संपर्क प्रमुख, प्रचार प्रमुख सहित संघ के करीब 50 शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी में विचार-विमर्श का सिलसिला शुरू हुआ. बताया जा रहा है कि प्रतिदिन तीन सत्रों में विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर चर्चा की जाएगी.
हालांकि, संघ की ओर से बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें सामाजिक समरसता को मजबूत करने, मोहल्ला स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित करने, विभिन्न राज्यों से हो रहे पलायन को रोकने और पड़ोसी देशों में हो रही हिंसा की स्थिति पर मंथन किया जा रहा है. इसके साथ ही संगठनात्मक विस्तार और समाज से जुड़े समकालीन मुद्दों पर भी विचार किया जा सकता है.
यह बैठक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रही है, ऐसे में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है. बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है.
केशव धाम में चल रही इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा सह सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल, मुकंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमए, आलोक कुमार, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं. साथ ही और भी कई लोग मौजूद रहे.