उत्तर प्रदेशः लखनऊ में एक बेटे ने एग्जाम के प्रेशर में आकर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. उसके बाद उसने बॉडी के कई टुकड़े किए. घर में रखे नीले ड्रम में टुकड़े छिपा दिए. वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक तीन दिन से लापता थे. खुद बेटे ने ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. पूछताछ के समय उसके बयान बदलते रहे, जिसके बाद पुलिस को शक हुआ. पुलिस ने उसपर कड़ाई बर्ती. इतना सब होने के बाद बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. मरने वाले की पहचान मानवेंद्र सिंह (49) के तौर पर हुई है. वह वर्धमान पैथोलॉजी लैब का मालिक था और शराब का भी काम करता था.
वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक पीड़ित मानवेंद्र प्रताप सिंह की सड़ी-गली बॉडी उनके घर के एक ड्रम से मिली. पुलिस 20 फरवरी से उनके गायब होने की जांच कर रही थी. उनकी एक मिसिंग पर्सन रिपोर्ट दर्ज की गई थी. जांच के दौरान, पुलिस ने उनके बेटे, अक्षत प्रताप सिंह, जो B Com का स्टूडेंट है, से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उसने हत्या करना कबूल कर लिया. इस बीच, पुलिस ने अक्षत से पूछताछ की. उसने अपने बयान बदल दिए. उसने पहले कहा कि उसके पिता ने सुसाइड किया है, लेकिन बाद में कहा कि उसने उनकी हत्या की है.
घटना के समय मानवेंद्र की पत्नी गांव में रह रही थी, जबकि उसकी बेटी घर पर मौजूद थी. अक्षत ने अपनी बहन कृति के सामने पिता को गोली मारी. उसने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा. डर के मारे उसने किसी को नहीं बताया। पिता का सिर फेंकने के बाद वह वापस आया और कार साफ की.
मौसी ने उससे पूछा कि वह कार क्यों साफ कर रहा है, तो उसने कहा कि यह गंदी है। उसने कहा कि इसे धो लें, लेकिन उसने मना कर दिया, क्योंकि कार में खून के धब्बे थे. पुलिस अधिकारी और जांच टीमें घर के अंदर मौजूद हैं.
DCP विक्रांत वीर ने कहा कि आरोपी ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने 20 फरवरी को सुबह करीब 4:30 बजे एक झगड़े के बाद अपने पिता को राइफल से गोली मार दी थी. बेटे ने दावा किया कि वह गुस्से में था क्योंकि उसके पिता उस पर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करने का प्रेशर डाल रहे थे.
पुलिस ने बताया कि आरोपी फिर लाश को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में ले आया. जुर्म छिपाने के लिए उसके टुकड़े कर दिए. उसने कथित तौर पर सदरौना गांव के पास लाश के कुछ हिस्से फेंक दिए और बाकी हिस्से घर में एक ड्रम के अंदर छिपा दिए. तलाशी के दौरान ग्राउंड फ्लोर से कुछ हिस्से बरामद हुए.
पुलिस अधिकारियों और एक फॉरेंसिक टीम ने क्राइम सीन का मुआयना किया और सबूत इकट्ठा किए. अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. कानून की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले की गहनता से जांच की जा रही है. जल्द ही आगे की कार्रवाई भी की जाएगी. पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम सबूत इकट्ठा कर रही है.

Blue drum Case X
मेरठ में 2025 की सबसे डरावनी खोज सीमेंट से सील किए गए एक नीले ड्रम के अंदर हुई. मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की बॉडी 18 मार्च को मिली, यानी जन्मदिन मनाने के लिए घर आने के 14 दिन बाद. सौरभ ने 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्यार के लिए शादी की थी. मुस्कान का साहिल के साथ अफेयर शुरू हो गया, जो सौरभ का दोस्त था. सौरभ जब विदेश में पोस्टिंग से घर लौटा, तो साहिल और मुस्कान ने उसे मारने का फैसला किया. 4 मार्च को मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं. जब वह बेहोश हो गया, तो उसने और साहिल ने उसे चाकू मार दिया, उसके शरीर के टुकड़े किए. उन्हें एक ड्रम में डाला और उसे सीमेंट से सील कर दिया.