गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में एक स्कूली छात्र की बेरहमी से की गई हत्या के बाद हालात तनावपू्र्ण बने हुए हैं. वारदात के दूसरे दिन भी पूरे क्षेत्र में गहरा सन्नाटा और लोगों के बीच भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे बाजार पूरी तरह ठप नजर आया. स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए खोड़ा पहुंचने लगे हैं.
अस्पताल से पोस्टमार्टम होने के बाद दोपहर करीब दो बजे जैसे ही सूर्या का शव उसके निवास स्थान पर पहुंचा, वैसे ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. रोते-बिलखते परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था. पीड़ित परिवार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक कि हत्यारों का एनकाउंटर नहीं हो जाता. परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए.
इस पूरे मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए स्थानीय पुलिस ने अब तक तीन मुख्य आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है. पकड़े गए युवकों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है. हालांकि, क्षेत्र में किसी भी तरह के बड़े बवाल को रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के खोड़ा आगमन की भनक लगते ही पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया.
पुलिस की शुरुआती जांच में इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है. बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक नई मोटरसाइकिल को लेकर शुरू हुआ था. मुख्य आरोपी असद ने हाल ही में एक नई बाइक खरीदी थी, जिसे सूर्या ने महज कुछ देर चलाने के लिए मांगा था. असद द्वारा बाइक देने से मना करने पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में इस खूनी वारदात में बदल गई.
मृतक के घर के बाहर इस समय भारी भीड़ जमा है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. शांति व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए खोड़ा में कई अन्य थानों की पुलिस टुकड़ियों को तैनात किया गया है. वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पुलिस बल लगातार संवेदनशील गलियों में गश्त कर रहा है ताकि असामाजिक तत्व माहौल को खराब न कर सकें.
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है. उन्होंने मीडिया को बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और पीड़ित परिवार से बातचीत कर उन्हें न्याय का पूरा भरोसा दिया है. प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है.