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India Daily

वृंदावन से देशव्यापी अभियान की शुरुआत: निकाली गई श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में प्रेम मंदिर स्थित चिंतामणि कुंज से इस्कॉन मंदिर तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा निकाली गई.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Prem Kaushik
Reported By: Prem Kaushik
वृंदावन से देशव्यापी अभियान की शुरुआत: निकाली गई श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा
Courtesy: Prem Kaushik

वृंदावन (मथुरा). श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर बुधवार को वृंदावन में एक बड़े धार्मिक और सामाजिक अभियान की शुरुआत हुई. श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में प्रेम मंदिर स्थित चिंतामणि कुंज से इस्कॉन मंदिर तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा निकाली गई. यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु शामिल हुए.

ज्योति यात्रा के दौरान “न्याय करो, अधिकार दो, जन्मभूमि लौटा दो” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने “आ गए अवध बिहारी और अब आएंगे कृष्ण मुरारी” के जयघोष के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प लिया. यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया.

इस अवसर पर महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा को अब देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा. यह यात्रा हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के प्रत्येक घर और परिवार तक पहुंचाई जाएगी. उन्होंने कहा कि इस ज्योति के माध्यम से समाज को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया जाएगा और लोगों को उनके पूर्वजों की गौरवशाली गाथाएं याद दिलाई जाएंगी.

उन्होंने बताया कि मुगल आक्रांताओं के दौर में सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने असहनीय कष्ट सहे. किस प्रकार अत्याचार कर मंदिरों को तोड़ा गया और उनके स्थान पर मस्जिदों का निर्माण किया गया, इन ऐतिहासिक तथ्यों को समाज के सामने रखा जाएगा. यात्रा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना है.

साधु-संतों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में भी सुनियोजित तरीके से सनातन पर प्रहार किए जा रहे हैं और हिंदू समाज को विभिन्न माध्यमों से निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए चलाया जा रहा यह आंदोलन समाज को एकजुट करने का कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि यह यात्रा लोगों में आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करेगी.

ज्योति यात्रा के माध्यम से लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प दिलाया गया और उन्हें इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया गया. आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के विभिन्न राज्यों और नगरों में इसी तरह की यात्राएं निकाली जाएंगी, ताकि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंच सके. कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए एकजुट रहने का संकल्प दोहराया.