आजमगढ़: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात निधन हो गया. उन्होंने 92 साल की उम्र में आजमगढ़ के कुर्मी टोला स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली. लंबे समय से बीमार चल रहे आजमी का इलाज लखनऊ में भी चला था, लेकिन हालत सुधरने पर डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया था.
आलमबदी आजमी निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर पांच बार विधायक चुने गए थे. उनका राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला. वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे और जनता की समस्याओं को सदन तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे.
जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. गुरुवार सुबह से उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया. लोग उनके पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उनके घर पहुंचे. कार्यकर्ता भावुक नजर आ रहे हैं. क्षेत्र के लोग कह रहे हैं कि आजमी साहब ने हमेशा गरीबों, किसानों और आम जनता की आवाज बुलंद की. उनका जाना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा नुकसान है.
आलमबदी आजमी ने पहली बार वर्ष 1996 में निजामाबाद सीट से चुनाव जीता. इसके बाद 2002 में दोबारा सफलता मिली. कुल पांच बार उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की. लंबे समय तक विधानसभा में रहकर उन्होंने विकास के कई मुद्दों पर काम किया.
वे समाजवादी पार्टी के मजबूत स्तंभ माने जाते थे. पार्टी के अंदर भी उनकी अच्छी पहचान थी. आजमी साहब हमेशा अनुशासन और सादगी के लिए जाने जाते थे. उनकी सादगी और जनसेवा की भावना युवा नेताओं के लिए प्रेरणा थी.
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. समाजवादी पार्टी के जिलाधिकारियों ने भी गहरा दुख जताया है. पार्टी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की बात कही है. आलमबदी आजमी लंबे समय तक सक्रिय रहे और क्षेत्र की जनता के दिलों में बस गए थे.