पश्चिम उत्तर प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है. मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी वाला बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेषज्ञ संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की है.
दिल्ली में बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार, सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के बीच एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत चार प्रमुख शहरों की मौजूदा और भविष्य की सड़कों का वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन तैयार किया जाएगा. नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी. आने वाले वर्षों में ट्रैफिक दबाव को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके.
परियोजना के पहले चरण में नोएडा की 15 प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा।. इन सड़कों के डिजाइन, सुरक्षा मानकों और तकनीकी ढांचे को अंतिम रूप देने का कार्य CRRI और SPA करेंगे. इसके लिए सड़कों का विस्तृत सर्वे भी किया जाएगा. सर्वे के दौरान एंड-टू-एंड रोड डिजाइन, सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट, डस्ट-फ्री जोन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा. इससे भविष्य की सड़क परियोजनाओं के लिए एक नया मानक तैयार होगा.
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सुगम और तेज कनेक्टिविटी स्थापित करना है. विशेषज्ञों का मानना है कि नई सड़क व्यवस्था से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा का समय भी घटेगा. इसके साथ ही सड़क सुरक्षा मानकों में सुधार होगा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.