गोरखपुर के जंगल धूषण बड़की रेतवाहिया गांव में एक परिवार का शोक कार्यक्रम अचानक मातम से भी बड़ी त्रासदी में बदल गया. मां के ब्रह्मभोज के दौरान दो भाइयों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी.
मंगलवार को गांव में सावित्री देवी के ब्रह्मभोज का आयोजन चल रहा था. घर में रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी. इसी दौरान परिवार के बड़े बेटे दुर्गविजय शर्मा और छोटे बेटे शुभम शर्मा के बीच कहासुनी शुरू हो गई. विवाद तेजी से बढ़ा और माहौल बिगड़ गया. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, गुस्से में आए दुर्गविजय ने तमंचा निकालकर शुभम के सीने में गोली मार दी. गंभीर रूप से घायल शुभम को परिजन तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों के अनुसार परिवार में संपत्ति और आपसी रिश्तों को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था. पिता कोमल शर्मा अपने छोटे बेटे शुभम को अधिक महत्व देते थे. इससे बड़े बेटे दुर्गविजय के मन में नाराजगी थी. करीब दस वर्ष पहले भी जमीन को लेकर विवाद हुआ था और परिवार अलग-अलग रहने लगा था. हाल के दिनों में मां की मृत्यु के बाद यह तनाव और बढ़ गया. शुभम की मई में सगाई हुई थी और फरवरी 2027 में उसकी शादी तय थी. बताया जा रहा है कि पारिवारिक कार्यक्रमों में दुर्गविजय को शामिल न किए जाने से उसकी नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी.
शुभम की मौत की खबर मिलते ही उसकी मंगेतर और परिवार के लोग टूट गए. मंगेतर बार-बार अंतिम बार चेहरा दिखाने की गुहार लगाती रही. गांव में शोक के साथ गुस्सा भी देखने को मिला। नाराज लोगों ने आरोपी के घर और दुकान में तोड़फोड़ की. आरोपी की पत्नी को भी चोटें आईं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पोस्टमार्टम के बाद जब शुभम का शव गांव पहुंचा तो माहौल और भावुक हो गया. अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने रास्ते में शव रखकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई. अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी. पुलिस ने आरोपी दुर्गविजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. उसके परिजनों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है. आरोपी की तलाश जारी है.