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उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट का विस्तार तेज, 14 परियोजनाओं को मंजूरी; लखनऊ बना निवेश का केंद्र

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण ने सात जिलों की 14 नई परियोजनाओं को मंजूरी देकर रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति दी है. करीब 2,285 करोड़ रुपये के निवेश से 3,500 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास होगा.

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Edited By: Shanu Sharma
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट का विस्तार तेज, 14 परियोजनाओं को मंजूरी; लखनऊ बना निवेश का केंद्र
Courtesy: Pinterest

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने अपनी 204वीं प्राधिकरण बैठक में सात जिलों की 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है. 

इन परियोजनाओं में लगभग 2,285.68 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से करीब 3,548 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल शहरी विकास को गति मिलेगी, बल्कि निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. 

यूपी रेरा की बैठक में लिया गया अहम फैसला

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित 204वीं प्राधिकरण बैठक में इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा के बाद परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. प्राधिकरण का कहना है कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप मंजूरी दी गई है, ताकि खरीदारों के हित सुरक्षित रह सकें और विकास कार्य पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े.

लखनऊ बना निवेश और परियोजनाओं का केंद्र

स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या के मामले में राजधानी लखनऊ सबसे आगे रही. यहां कुल सात परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें लगभग 711.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इन परियोजनाओं के तहत 1,270 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है. लखनऊ की स्वीकृत परियोजनाओं में चार आवासीय और तीन व्यावसायिक योजनाएं शामिल हैं. इनके अंतर्गत फ्लैट, विला, दुकानें और स्टूडियो स्पेस विकसित किए जाएंगे. तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और आवासीय मांग को देखते हुए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी

परियोजनाओं की संख्या के आधार पर गौतमबुद्ध नगर दूसरे स्थान पर रहा. यहां 208.33 करोड़ रुपये के निवेश से दो व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं के माध्यम से 695 कमर्शियल इकाइयों का विकास होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. वहीं, निवेश के लिहाज से गाजियाबाद सबसे आगे रहा. यहां लगभग 998.23 करोड़ रुपये की लागत वाली एक बड़ी परियोजना को स्वीकृति मिली है. इस परियोजना के तहत 780 आवासीय इकाइयों और व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जाएगा. यह निवेश जिले में बढ़ती आवासीय और व्यावसायिक मांग को दर्शाता है.