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अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में एक्शन तेज! नई SIT ने बनाया मास्टर प्लान, अब कोई नहीं बचेगा?

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT ने जांच की तैयारी शुरू कर दी है. टीम पुराने साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करेगी. डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में एक्शन तेज! नई SIT ने बनाया मास्टर प्लान, अब कोई नहीं बचेगा?
Courtesy: Pinterest

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित नई विशेष जांच टीम ने औपचारिक कार्यवाही से पहले अपनी रणनीति तय कर ली है. टीम का उद्देश्य अब तक हुई जांच का निष्पक्ष मूल्यांकन करना और सभी उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल करना है. अधिकारियों का मानना है कि व्यापक जांच से मामले के हर पहलू को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी.

नई SIT ने तय की जांच की रणनीति

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित नई SIT ने वर्चुअल बैठक के जरिए जांच का प्रारंभिक खाका तैयार किया है. टीम पहले से दर्ज साक्ष्यों, पुलिस कार्यवाही और अब तक हुई जांच की पूरी समीक्षा करेगी. इसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी. अधिकारियों का उद्देश्य जांच को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है.

पुराने साक्ष्यों की होगी दोबारा पड़ताल

नई जांच टीम आरोपितों से हुई पूछताछ, बरामद सामग्री, दस्तावेजी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का दोबारा परीक्षण करेगी. सूत्रों के अनुसार फिलहाल आठ आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं. जांच के दौरान यदि किसी नए तथ्य के संकेत मिलते हैं तो संबंधित लोगों से फिर से पूछताछ भी की जा सकती है.

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

एसआईटी की अध्यक्षता आईजी लखनऊ रेंज किरण एस कर रहे हैं. टीम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं. पहले यही अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे थे. अब उन्हें एसआईटी का हिस्सा बनाकर जांच को नई दिशा देने की तैयारी की गई है.

वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड पर रहेगा फोकस

नई एसआईटी संदिग्धों की वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की भी गहन जांच करेगी. साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा. जांच को और मजबूत बनाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ और चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी टीम से जोड़ने की तैयारी चल रही है. हालांकि उनके नामों पर अंतिम फैसला अभी बाकी है.

निष्पक्ष जांच पर रहेगा पूरा जोर

अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल पुराने निष्कर्षों को दोहराना नहीं बल्कि हर पहलू की निष्पक्ष समीक्षा करना है. नई एसआईटी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी. इससे उम्मीद की जा रही है कि जांच अधिक व्यापक और तथ्यपरक तरीके से आगे बढ़ेगी.